Thursday, 03 April 2025

संघ के शताब्दी वर्ष का लक्ष्य: सज्जनशक्ति के माध्यम से संगठित और अनुशासित समाज खड़ा करना - मोहन भागवत


संघ के शताब्दी वर्ष का लक्ष्य: सज्जनशक्ति के माध्यम से संगठित और अनुशासित समाज खड़ा करना - मोहन भागवत

बारां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बारां प्रवास के पहले दिन प्रान्त के सभी प्रचारकों के साथ बैठक की। यह बैठक बारां की संस्था धर्मादा धर्मशाला में आयोजित की गई, जिसमें संघ के शताब्दी वर्ष तक कार्य विस्तार और दृढ़ीकरण पर चर्चा की गई।

सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बैठक में प्रचारकों से कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष एक उत्सव नहीं, बल्कि एक संगठित, सबल और अनुशासित हिन्दू समाज के निर्माण का समय है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर हेडगेवार का जो सपना था, उसे शताब्दी वर्ष तक पूर्ण करना हमारा ध्येय है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक ग्राम और नगरीय क्षेत्र में संघ के कार्य का विस्तार करना आवश्यक है।

डॉ. भागवत ने विशेष रूप से जोर दिया कि सज्जनशक्ति के माध्यम से समाज को स्वावलंबी और अनुशासित बनाने के लिए जन जागरण अभियान को व्यापक रूप से हर गांव और बस्ती तक पहुंचाना होगा। इसके लिए बड़ी संख्या में समय देने वाले कार्यकर्ताओं की आवश्यकता होगी। बैठक में कार्य विस्तार की योजना पर गहन समीक्षा भी की गई।

इस अवसर पर सरसंघचालक का संस्था धर्मादा धर्मशाला में तिलक लगाकर और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। बैठक में प्रांत के सभी जिला और विभाग प्रचारकों के साथ वरिष्ठ प्रचारक अरुण जैन, सुरेशचंद, बलिराम, और निम्बाराम भी उपस्थित रहे।

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