Saturday, 29 August 2026

विश्व में भारत की प्रतिष्ठा देश के सबल होने से है: डॉ. मोहन भागवत:


विश्व में भारत की प्रतिष्ठा देश के सबल होने से है: डॉ. मोहन भागवत:

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को बारां में स्वयंसेवक एकत्रीकरण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए समाज में अच्छे आचरण और अनुशासन के महत्व पर जोर दिया। डॉ. भागवत ने कहा कि भारत की प्रतिष्ठा विश्व में उसके सबल होने से है, और हमें हर बस्ती और परिवार तक सकारात्मक संदेश लेकर जाना होगा।

डॉ. भागवत ने कहा कि हिन्दू समाज को संगठित होना होगा, जहां जाति, भाषा और प्रांत के भेद मिटाकर एकजुटता हो। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव, संगठन और आत्मीयता का व्यवहार होना चाहिए। परिवार से शुरू होकर समाज तक के निर्माण में संघ की भूमिका महत्वपूर्ण है, और व्यक्ति निर्माण की यह प्रक्रिया संघ की विशिष्ट पद्धति है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत का बड़ा और सबल होना हर नागरिक के लिए जरूरी है। दुनिया में किसी भी राष्ट्र की प्रतिष्ठा उसकी शक्ति से होती है, और संघ के माध्यम से हमें इस शक्ति का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से हिन्दू राष्ट्र रहा है, जहां सभी पंथों और मतों को स्वीकार किया जाता है और सबके साथ संवाद से सद्भाव स्थापित किया जाता है।

मंच पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के साथ राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, चित्तौड़ प्रांत संघचालक जगदीश सिंह राणा, बारां विभाग संघचालक रमेश चंद मेहता और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में 3827 स्वयंसेवकों ने भाग लिया और सामूहिक प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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