Saturday, 29 August 2026

कोर्ट के निर्देश पर जमीन के विवाद को लेकर नागौर भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा उनकी बहन हेम श्वेता और प्रेम प्रकाश मिर्धा के खिलाफ मामला दर्ज


कोर्ट के निर्देश पर जमीन के विवाद को लेकर नागौर भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा उनकी बहन हेम श्वेता और प्रेम प्रकाश मिर्धा के खिलाफ मामला दर्ज

जोधपुर में एक जमीन विवाद में कोर्ट के निर्देश पर 27 नवंबर को नागौर से भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा और उनकी बहन  हेम श्वेता और प्रेम प्रकाश मिर्धा तीन लोगों के खिलाफ उदयमंदिर थाने में मामला दर्ज हुआ है। 

जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के उदयमंदिर थाने में इनके खिलाफ इस्तगासे से धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज पेश करना सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पीड़ित अनिल चौधरी, पूर्व मंत्री उषा पूनिया और अन्य ने इस्तगासे से कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज हुआ है। 

आदर्श प्रगतिशील गृह निर्माण सहकारी समिति के भूखंड विवाद का मामला है। जिसमें पहले ज्योति मिर्धा ने समिति के सदस्यों पर मामला दर्ज किया था जिसमें ज्योति मिर्धा केस हार गई थी।

फिर समिति के सदस्यों ने धोखाधड़ी, मानहानि सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करवाने थाने पहुंचे वहां एफआईआर दर्ज नहीं होने पर एमएम 6 कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था जिस पर कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के 17 नवंबर को आदेश दिए थे। जिस पर उदयमंदिर थाने में सोमवार को 27 नवंबर को मामला दर्ज किया है।

यह मामला आदर्श प्रगतिशील गृह निर्माण सहकारी समिति के भूखंड विवाद का बताया जा रहा है। इसमें तीन आरोपियों पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगे हैं।

भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा के अलावा राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा की पत्नी हेम श्वेता और प्रेम प्रकाश मिर्धा को भी आरोपी बनाया गया हैं। इस मामले में एक रोचक बात निकल कर सामने आ रही है। ज्योति मिर्धा के पिता राम प्रकाश मिर्धा की ओर से बेची गई जमीन के भाव बढ़ने के बाद उनके वारिस ज्योति मिर्धा, हेम श्वेता मिर्धा और प्रेम प्रकाश मिर्धा ने विक्रय विलेख बनाए जो 23 मई 1988 और 11 अक्टूबर 1989 का बताया गया। इस एक मोबाइल नंबर भी अंकित किया गया, जबकि उस समय मोबाइल का प्रचलन नहीं था। ऐसे में इन्हें कूट रचित विलेख माना गया।

ज्योति मिर्धा और उनकी बहन की ओर से अगस्त 2021 में अपने चाचा भानु प्रकाश मिर्धा, पूर्व मंत्री उषा पूनिया और उनकी दो बेटियों सहित 13 लोगों के खिलाफ उनके पिता की भूमि को फर्जी तरीके से नाम कराने के आरोप लगाए गए थे। इस संबंध में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में उन्होंने एक एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। इस एफआईआर को आरोपियों ने हाईकोर्ट में खारिज करवाया। इसके  बाद ज्योति मिर्धाऔर अन्य सुप्रीम कोर्ट गए, जहां उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद उषा पूनिया अनिल चौधरी और अन्य ने ज्योति मिर्धा सहित तीन लोगों के खिलाफ अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 6 की अदालत में इस्तगासे पेश किए, जिस पर कोर्ट ने उदय मंदिर थाने को मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए थे।

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