


भाजपा के अजमेर संभाग प्रभारी मीडिया एवं प्रवक्ता नमित जैन ने टोंक भाजपा के मीडिया कांफ्रेंस हॉल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच की कुर्सी की लड़ाई में टोंक विकास की दृष्टि से पिछड़ गया।उन्होंने कहा कि टोंक जिले में विकास न होने का मूल कारण सचिन पायलट तथा मुख्यमंत्री के बीच लगातार रहे विवाद है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पायलट को सार्वजनिक तौर पर नकारा निकम्मा बड़ा कोरोना तक से संबोधित किया आखिर फिर उन्हें टिकट क्यों दिया गया,जनता इन परिस्थितियों के रहते उन्हें वोट क्यों करें? उन्होंने कहा राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री पर तथा अशोक गहलोत अपने साथी पूर्व उपमुख्यमंत्री और पीसीसी के अध्यक्ष रहे सचिन पायलट को नाकारा निकम्मा शब्दों से संबोधित करते हैं यह तो आखिर देश, प्रांत तथा जिले के मतदाताओं का अपमान ही है ।जैन ने कहा कि सचिन पायलट बयाना जाते हैं वहां के विधायक और उनके साथियों के आंसू पोंछने का प्रयास करते हैं लेकिन अपने क्षेत्र की निराश जनता के आखिर क्यों नहीं आंसू पहुंचने का कर्तव्य निभाते। उन्होंने कहा कि उन्होंने विकास पर कोई दिलचस्पी नहीं ली, यहां तक कि अपने क्षेत्र की नगर परिषद में किसी भी मीटिंग में भाग नहीं लिया, साधारण सभा की मीटिंग बुलाने के लिए कभी सभापति को निर्देश नहीं दिए, जनता इनसे निराश हो चुकी है और अब इसमें बदलाव चाहती है ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहचान भ्रष्टाचार और दुष्कर्मों के मामले में इन नेताओं ने नंबर वन पर लाकर रख दी है ।सरकार तुष्टिकरण की नीति पर काम कर रही है इसका उदाहरण कल ही मालपुरा में जैन युवक के साथ जबरदस्त मारपीट होती है और मुख्यमंत्री वहां होने के बाद भी एक शब्द उनके बारे में नहीं बोलते और दोषी खुलेआम यह कहते हैं कि उनका विधायक और सरकार बनने दो तब देखना वह कैसे बदल लेते हैं।अभी से धमकियां का सिलसिला चालू हो गया।,उन्होंने भ्रष्टाचार के मामले में कहा सचिवालय की एक सरकारी अलमारी से करोड़ों रुपए की नगद राशि और सोना बरामद होना इसका प्रमाण है।
उन्होंने प्रियंका गांधी पर भी आरोप लगाया कि एक तरफ वह पायलट के कंधों पर हाथ रखकर उनका पक्ष लेती है लेकिन गहलोत द्वारा पायलट के प्रति अपशब्दों के बयानों पर चुप्पी साथ लेती है। बालिका और महिला दुष्कर्मों पर यूपी मे तो भाषण करती है लेकिन राजस्थान में अपनी सरकार पर भी चुप्पी साध लेती है ।पीड़ित बालिकाओं से मिलने का कर्तव्य भी नहीं निभाती। उन्होंने राज्य में पेपर लीक के 19 मामलों में मंत्री और विधायकों की सलिप्तता को शर्मनाक बताया, इन घटनाओं से युवा वर्ग जबरदस्त परेशान हुआ है। उनका भविष्य इस सरकार ने खराब किया है।उन्होंने कहा इन परिस्थितियों में टोंक जिले की चारों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को तथा राजस्थान में 150 से अधिक सीटें मिलने जा रही है ।प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा टोंक जिले के पूर्व मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश गुप्ता व सोशल मीडिया के जिला संयोजक गणेश सैनी मौजूद थे।