


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमेन पवन खेड़ा ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, जयपुर पर सोमवार को यू-ट्यूब पर जारी वीडियो प्रदर्शित कर भाजपा के सांसद एवं तिजारा से भाजपा के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बाबा बालकनाथ पर वीडियो में लगाये गये आरोप पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि बाबा बालकनाथ का हम सब सम्मान करते हैं, नाथ सम्प्रदाय से हैं, हम उनका मन से आदर करते हैं लेकिन कनाडा के निवासी जगमनदीप सिंह ने आज एक वीडियो डाला है, इस वीडियो में लगाये गये आरोप के आधार पर यह पूछना आवश्यक है कि तिजारा की कौनसी तिजारी है जिस 52 करोड़ का जिक्र वीडियो में है, वह 52 करोड़ रूपया बाबा बालकनाथ के पास कहॉं से आया।
पवन खेड़ा ने कहा कि बाबा बालकनाथ कनाडा में आश्रम खोलना चाहते थे, उनका अधिकार है, किसी को कोई आपत्ति नहीं है, वह अपनी परम्परा निभायें, इसमें भी किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन हवाला से 52 करोड़ रूपया कनाडा गया, यह आपत्तिजनक है। उन्होंने प्रश्र किया कि यह 52 करोड़ रूपया कहॉं से आया, क्योंकि 8 नवम्बर, 2016 को देश में नोटबंदी लागू हुई, हजार के नोट बंदी हुए और दो हजार के चालू हुए तथा प्रधानमंत्री ने वादा किया कि अब कालाधन समाप्त हो जायेगा, लेकिन यह 52 करोड़ रूपये गुजरात के रमणिक भाई पटेल के माध्यम से हवाला के जरिये कनाडा भेजे गये।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा बालकनाथ जो भाजपा के राजस्थान से सांसद है तथा तिजारा से भाजपा के विधानसभा प्रत्याशी है, यह गुजरात के अंगडिय़ा के रमणिक भाई पटेल के माध्यम से 52 करोड़ रूपये कालाधन गैर कानूनी रूप से भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कालेधन से कलटस लेक के बगल में 32 एकड़ जमीन खरीदी जा रही है, आश्रम बनायेंगे, ओशो रजनीश से बड़े बाबा बनना चाहते हैं, इसमें तो आपत्ति नहीं है, क्योंकि देश में सभी संतो का, भगवा पहनने वालों का, सफेद कपड़े पहनने वालों का सम्मान किया जाता है, लेकिन यह कर क्या रहे हैं, 52 करोड़ रूपया कहॉं से आया, यह हवाला का रैकिट कहॉं से चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह साधु-संतों के प्रति श्रृद्धा के साथ खिलवाड़ है जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा बालकनाथ को अलवर के लोगों ने चुना और आज जिन लोगों से वह वोट मांग रहे हैं यह विश्वासघात उन सभी मतदाताओं से है क्योंकि यह 52 करोड़ रूपये किसका है, इसका खुलासा होना आवश्यक है।