Saturday, 29 August 2026

भाजपा मुस्लिम बाहुल्य 40 सीटों को जीतने के लिए फायर ब्रांड नेता यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, असम सीएम हेमंत बिस्वा और साध्वी निरंजन ज्याेति से कराएगी प्रचार प्रसार


भाजपा मुस्लिम बाहुल्य 40 सीटों को जीतने के लिए फायर ब्रांड नेता यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, असम सीएम हेमंत बिस्वा और साध्वी निरंजन ज्याेति से कराएगी प्रचार प्रसार

प्रदेश की 40 मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर विधानसभा 2023 के चुनाव में भाजपा जीतने के लिए विशेष रणनीति तैयार कर रही है। इन सीटों पर जीत के लिए पार्टी हिन्दू वोटों के 'डायवर्जन' को रोकने का काम करेगी। ऐसे में इन सीटों पर भाजपा हिंदुत्व ब्रांड नेता जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा और साध्वी निरंजन ज्याेति को प्रचार प्रसार आने के लिए लाने की रणनीति तैयार की हैं। इन विधानसभा क्षेत्र में सभा, राेड शो कराएगी। वैसे मुस्लिम बाहुल्य सीटों की संख्या 40 है, लेकिन इनमें से 18 सीट पर ज्यादा फोकस होगा।
पार्टी यहां तुष्टीकरण के मुद्दे को हवा देगी, ताकि हिन्दु वोट डायवर्ट नहीं हो। साथ ही मुस्लिम मतदाताओं को भी गहलोत सरकार की कथित तुष्टीकरण की राजनीति को समझाया जाएगा।

40 सीटे हैं मुस्लिम बाहुल्य की प्रदेश में 29 सीट कांग्रेस के पास है अभी 7 सीट पर भाजपा 3 सीट बसपा ने जीती थी 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई थी बसपा के विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे और निर्दलीय विधायक ने समर्थन दिया । वर्ष 2018 के चुनाव में भाजपा आदर्श नगर, रामगढ़ , किशनपोल , कामां, टोंक, , डीडवाना , जोधपुर, पोकरण, शिव, झुंझुनूं, फतेहपुर, नगर, सवाई माधोपुर, तिजारा विधानसभा से हार गई थी। चूरू, नागौर, पुष्कर और मकराना विधानसभा से चुनाव जीती थी।


वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा ने चार सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे थे, जबकि वर्ष 2018 में टोंक सीट पर अंतिम क्षण में अजीत मेहता का टिकट काटकर युनूस खान को उतारा था। कांग्रेस ने वर्ष 2018 के चुनाव में 16 मुस्लिम प्रत्याशी उतारे, जिसमें से 9 जीते थे।

भाजपा की कोशिश रहेगी कि वे विधानसभा के चुनाव में जयपुर में बम ब्लास्ट में कांग्रेस सरकार की कमजोरी पैरवी के कारणआरोपियों को हाईकोर्ट में बरी होने और इसके बाद ही राज्य सरकार ने एक अतिरिक्त महाधिवक्ता को हटाना पड़ा था। उदयपुर में पिछले वर्ष जून में कन्हैयालाल बेरहमी से हत्या औ रजयपुर के सुभाष चौक इलाके में एक धर्म विशेष के युवक की मौत और सीएम गहलोत द्वारा ने उसी दिन 50 लाख रुपए का चैक बतौर मुआवजा देने के साथ ही करौली में नवसंवत्सर के दौरान निकल रही रैली में पथराव और फिर आगजनी, दंगे के मामले को जोर-जोर से उठाए जाने की रणनीति तैयार हो रही है।

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