


कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य सचिन पायलट टोंक से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद नाराज अल्पसंख्यक प्रमुख कांग्रेसी नेताओं को मनाने में लगे हुए है।वही अपने समर्थकों को टिकट नही दिलवाने के कारण उनके नजदीकी कांग्रेस कार्यकर्ता अब पार्टी छोड़ रहे है।
जिले की निवाई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी से टिकट मांग रहे प्रह्लाद नारायण बैरवा की जगह विधायक प्रशांत बैरवा को टिकट मिलने से नाराज होकर प्रह्लाद नारायण बैरवा ने कांग्रेस छोड़ दी। जिन्होंने रालोपा की सदस्यता ग्रहण करके अब कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत के खिलाफ निवाई से रालोपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे जिसकी अधिकृत घोषणा रालोप ने भी की है।
वही कांग्रेस पार्टी के सक्रिय व पायलट समर्थक विक्रम गुर्जर पिछले तीन साल से देवली-उनियारा विधानसभा में मेहनत करके ग्रामीणों की समस्याओं को हल कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जनता से जुड़े हुए है।लेकिन सचिन पायलट उनको भी टिकट दिलवा पाने में सफल नही हो पाए तो विक्रम गुर्जर ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी।बुधवार को विक्रम गुर्जर भी रालोपा से देवली-उनियारा विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किए जा चुके है। इतना ही नही सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र टोंक से रालोपा की तरफ से प्रत्याशी घोषित किए जाने की चर्चाएं चल रही है।रालोपा टोंक से अपना उम्मीदवार घोषित करके पायलट की मुसीबतें बड़ा सकती है।यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है कि टोंक से रालोपा किसको उम्मीदवार बनाएगी वही अभी तो भाजपा की तरफ से भी कोई प्रत्याशी घोषित नही हो पाया।