


राजस्थान से निर्यात होने वाली वस्तुओं में फरवरी 2022 तक की तुलना में फरवरी 2023 तक के निर्यात में 10.04 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस निर्यात में राज्य के टैक्सटाईल्स एग्रो-फूड प्रोडक्ट्स, जैम्स एंड ज्वैलरी तथा इंजीनियरिंग सामान का प्रमुख योगदान है। निर्यातक इकाईयों एवं संबद्ध सेवाओं द्वारा राज्य में 31 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है।
आरईपीसी एवं राजसीको के चेयरमैन राजीव अरोड़ा ने ‘एक्सपोर्ट ग्रोथ एवं फ्यूचर स्ट्रेटजी ऑफ राजस्थान‘ पर आयोजित बैठक में दौरान यह जानकारी दी। राजस्थान से निर्यात में बढ़ाने पर विचार-विमर्श करने और निर्यातों से सुझाव आमंत्रित करने के लिये इस बैठक का आयोजन किया गया था।
आरईपीसी और राजसीको चेयरमैन अरोड़ा ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 29 जुलाई 2021 को आरम्भ की गई पहल ‘मिशन निर्यातक बनो‘ के तहत अब तक विभिन्न जिलों के लगभग 9,000 से अधिक उद्यमियों, दस्तकारों, हस्तशिल्पियों को निर्यातक बनाने हेतु आवश्यक प्रक्रिया एवं दस्तावेजीकरण प्रशिक्षण दिया गया और आयात निर्यात कोड जारी करवाये गए। जिसके फलस्वरूप वर्ष 2017-18 में जो निर्यात 46,476 करोड़ रुपयों का था, वर्ष 20-21 में बढ़कर 52,764 करोड़ रुपये, जनवरी 2022 में 57,803 करोड़ रुपये और फरवरी 2023 70,000 करोड़ रुपयों से अधिक का हो गया।
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त महेन्द्र पारख सभी निर्यातकों को आरईपीसी का सदस्य बनने का आग्रह किया और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीमों के बारे में जानकारी दी।
राजस्थान सरकार के राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (आरईपीसी) द्वारा आयोजित इस बैठक में आरईपीसी एवं राजसीको के चेयरमैन राजीव अरोड़ा के अतिरिक्त वाईस-चेयरमैन आरईपीसी महावीर प्रताप शर्मा; चेयरमैन रबरबोर्ड, डाॅ. सावर धाननिया, आयुक्त राजस्थान फाउंडेशन धीरज श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक आरएसआईसी डाॅ. मनीशा अरोड़ा भी उपस्थित थे।
आरईपीसी और राजसीको के चेयरमैन राजीव अरोड़ा ने बताया कि यह बेहद प्रसन्नता की बात है कि वर्ष 2022-2023 में राजस्थान से निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसा अनुमान है कि इस दौरान राजस्थान से लगभग 80,000 करोड़ रुपयों का रिकॉर्ड स्तर पर निर्यात हुआ है। इसके अलावा मार्केटिंग करने के उद्देश्य से जयपुर एवं विदेश में जैसे माॅरीशस में एग्जीबिशंस आयोजित करने के लिए एक्सपोर्टस् से विचार विमर्श किया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के प्रमुख औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संगठनों जैसे फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की), काॅन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई), सीतापुरा स्पेशल इकोनाॅमिक जोन (सीतापुरा सेज), महेन्द्रा वल्र्ड सिटी सेज, एसोचेम, पीएचडीसीसीआई, फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी), फेडरेशन ऑफ राजस्थान एक्सपोर्टर्स (फोरे), राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आरसीसीआई), फेडरेशन ऑफ राजस्थान हैण्डीक्राॅफ्ट एक्सपोर्टर्स (फोरहेक्स); राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसियेशन (आरटीएमए), आदि के अध्यक्ष, सदस्य एवं उद्योगपतियों ने भाग लिया और राजस्थान से निर्यात में वृद्धि करने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए।