Saturday, 29 August 2026

राइट टू हेल्थ विधेयक विधानसभा में हुआ पारित, रूल्स में सरकार 50 बेड मल्टी हॉस्पिटल की शर्त को डालेंगे चिकित्सा मंत्री मीणा ने दिया आश्वासन


राइट टू  हेल्थ विधेयक विधानसभा में हुआ पारित,  रूल्स  में  सरकार 50 बेड मल्टी हॉस्पिटल  की  शर्त को डालेंगे चिकित्सा मंत्री मीणा ने दिया आश्वासन

निजी डॉक्टर्स के विरोध के बावजूद विधानसभा में मंगलवार को राइट टू हेल्प विधेयक पारित हो गया। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने विधानसभा में कहा कि डॉक्टर कितना भी विरोध कर ले इसका हमें कोई परवाह नहीं लेकिन हम गरीब का इलाज करा कर रहेंगे। उन्होंने भाजपा विधायक दल के नेता राजेंद्र राठौड़ को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपने जो 50 बेडमल्टी हॉस्पिटल की बात कही है उसे हम रूल्स में डालेंगे। 

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चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार ने जिन भी अस्पतालों को जमीन दी है उसे निश्चित तौर पर इसके दायरे में लाया जाएगा उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल तो उसके दायरे में आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टर से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा आंदोलन करें लेकिन मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने हमें गरीब के इलाज करने के लिए का है वह हम करके रहेंगे। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने विधानसभा में कहा कि प्रवर समिति  दिए गए सभी सुझाव को निश्चित तौर पर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि जब विधेयक के लिए  रूल्स बनेंगे तो उन सभी प्रावधानों को शामिल किया जाएगा। 2 घंटे की लंबी बहस के बाद इसे आखिर पारित कर दिया गया। 

इमरजेंसी की हालत में प्राइवेट हॉस्पिटल को भी फ्री इलाज करना होगा। प्राइवेट हॉस्पिटल में इमरजेंसी में फ्री इलाज के लिए अलग से फंड बनेगा। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की हॉस्पिटल स्तर की लापरवाही के लिए जिला और राज्य स्तर पर प्राधिकरण बनेगा। इसमें सुनवाई होगी। दोषी पाए जाने पर 10 से 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया जा सकता है।

राइट टू हेल्थ का उल्लंघन करने और इलाज से मना करने पर 10 से 25 हजार तक का जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। पहली बार उल्लंघन पर जुर्माना 10 हजार और इसके बाद 25 हजार तक होगा। राइट टू हेल्थ बिल की शिकायतें सुनने और अपील के लिए जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण और राज्य स्तर पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण बनेगा। प्राधिकरण में ही शिकायतें सुनी जाएंगी। बिल के उल्लंघन से जुड़े मामले में प्राधिकरण के फैसले को किसी सिविल कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।

विधेयक को लेकर विधानसभा में भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेंद्र राठौड़, कालीचरण सराफ अनिता भदेल सुमित गोदारा अविनाश गहलोत सहित विभिन्न विधायकों ने हिस्सा लिया। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सरकार को इस विधेयक में 50 बेड मल्टी हॉस्पिटल की शर्त को जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज कि वे विरोध करते हैं और सरकार को इसमें जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

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