

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुल्क बढ़ोतरी पर कहा, "40 रुपए की फीस बड़ी बात नहीं, लोग आधे दिन में गुटखा खा लेते हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पास पैसों का पेड़ नहीं है।" उन्होंने इसे परीक्षा आयोजन के लिए जरूरी बताया। वहीं, निजी स्कूल संचालक और छात्र संगठन इसे अतिरिक्त बोझ मानकर विरोध कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह फीस वाजिब है और परीक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी है।