

अजमेर के जवाड़ी क्षेत्र में आयोजित जयमल जयंती समारोह के दौरान उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब कुछ नेता मंच पर अपने काम गिनाने लगे। धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम में नेताओं की इस बयानबाजी से संत समताराम भड़क गए और नाराजगी जताते हुए बोले, "लोग चार घंटे से बैठे हैं, क्या ये नौटंकी है?" इससे असंतुष्ट होकर संत समताराम ने कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ दिया। घटना के बाद समाज के लोगों ने फैसला किया है कि भविष्य में ऐसे समारोहों में इन नेताओं को नहीं बुलाया जाएगा।