Tuesday, 01 September 2026

मथानिया चुनाव विवाद: रातभर धरने पर डटी रहीं दिव्या मदेरणा, प्रशासन से बनी सहमति, CI और RO की भूमिका की जांच का आश्वासन


मथानिया चुनाव विवाद: रातभर धरने पर डटी रहीं दिव्या मदेरणा, प्रशासन से बनी सहमति, CI और RO की भूमिका की जांच का आश्वासन

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जोधपुर। मथानिया नगर पालिका चुनाव-2026 में नामांकन प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बाद पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा सोमवार रातभर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कार्यालय के बाहर धरने पर डटी रहीं। पुलिस और प्रशासन पर पक्षपात के आरोपों को लेकर देर रात तक कई दौर की वार्ता चली। मंगलवार को प्रशासन और मदेरणा के बीच सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ।

जानकारी के अनुसार प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थानीय थानाधिकारी (CI) और RO की भूमिका की जांच कराने तथा मथानिया और तिंवरी में अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात करने का लिखित आश्वासन दिया है।

नामांकन समय खत्म होने के बाद एंट्री को लेकर हुआ विवाद

पूरे विवाद की मुख्य वजह नामांकन के अंतिम दिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद कथित रूप से कुछ लोगों को निर्वाचन कार्यालय में प्रवेश दिए जाने को बताया जा रहा है।

दिव्या मदेरणा का आरोप है कि मथानिया में नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा दोपहर 3 बजे समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद क्षेत्रीय भाजपा विधायक और पार्टी से जुड़े प्रत्याशी को RO कार्यालय के भीतर जाने की अनुमति दी गई।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नामांकन का समय पूरा होने के बाद अन्य लोगों के लिए प्रवेश बंद था तो सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों को अंदर जाने की अनुमति किस आधार पर दी गई।

CI पर भाजपा नेताओं को अंदर ले जाने का आरोप

मदेरणा ने स्थानीय थानाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि थानाधिकारी स्वयं गेट पर जाकर भाजपा नेताओं को रिसीव कर अंदर लेकर आए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसी दौरान कार्यालय के भीतर मौजूद कांग्रेस प्रत्याशी के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे जबरन बाहर निकाल दिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

रातभर RO कार्यालय के बाहर धरना

घटना के बाद दिव्या मदेरणा समर्थकों के साथ RO कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गईं। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम स्वीकार नहीं किए जा सकते। सोमवार देर रात और आधी रात के बाद तक प्रशासनिक अधिकारियों और मदेरणा के बीच वार्ता के कई दौर चले। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच को लेकर सहमति बनाने का प्रयास किया गया।

CI और RO की भूमिका की जांच का लिखित आश्वासन

मंगलवार को दोनों पक्षों में सहमति बनने की जानकारी सामने आई। इसके तहत प्रशासन ने स्थानीय थानाधिकारी और RO की भूमिका की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

साथ ही मथानिया और तिंवरी में आगे की निर्वाचन प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात करने की बात कही गई है। यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे संदेहों को दूर करने और आगे की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई बताई जा रही है।

‘सत्ता और विपक्ष के लिए अलग नियम स्वीकार नहीं’

दिव्या मदेरणा ने पूरे घटनाक्रम के दौरान कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी चुनाव की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है जब प्रशासन निष्पक्ष दिखाई भी दे और सभी पक्षों के साथ एक समान व्यवहार करे।

अब जांच पर टिकी निगाहें

धरना समाप्त होने के बाद अब पूरे मामले की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि नामांकन का समय समाप्त होने के बाद कौन-कौन निर्वाचन कार्यालय में मौजूद था, किसे प्रवेश दिया गया और संबंधित अधिकारियों ने उस समय क्या निर्णय लिए।

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