



जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की तस्वीर अब तेजी से साफ होने लगी है। कोटा, उदयपुर, अलवर, अजमेर और भरतपुर में भाजपा और कांग्रेस के वार्डवार प्रत्याशियों के नाम सामने आ गए हैं। प्रत्याशी तय होने के बाद अब अधिकांश वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा है, वहीं कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के नाम अभी उपलब्ध सूची में दर्ज नहीं हैं।
प्राप्त सूचियों के अनुसार कोटा में 100, उदयपुर में 80, अजमेर में 80, अलवर में 65 और भरतपुर में 65 वार्ड हैं। यानी इन पांच प्रमुख शहरों में कुल 390 वार्डों पर चुनावी मुकाबला होना है।
कोटा नगर निगम के 100 वार्डों के लिए भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की बड़ी सूची सामने आई है। सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी के साथ महिला आरक्षित वार्डों में दोनों दलों ने उम्मीदवार उतारे हैं।
शुरुआती वार्डों में वार्ड 1 से भाजपा के ज्योतू प्रकाश मीणा के सामने कांग्रेस के शीतल प्रकाश, वार्ड 4 से भाजपा के कालूलाल भील के सामने कांग्रेस के दीपक कुमार भील, वार्ड 5 में रविन्द्र नायक बनाम रघुवीर बैरवा और वार्ड 6 में मोहम्मद निजाम बनाम आयना महक का मुकाबला है।
वार्ड 12 में भाजपा के हरिकांत लवानिया और कांग्रेस के एडवोकेट ललित शर्मा, वार्ड 28 में योगेन्द्र सिंह राजावत बनाम नरेन्द्र सिंह राजावत, वार्ड 45 में मुस्तकीम बनाम फरीदुद्दीन सोनू कुरैशी और वार्ड 55 में मिलाप जैन बनाम मनीष भारद्वाज के नाम सामने आए हैं।
हालांकि उपलब्ध सूची में कुछ वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी का नाम खाली है। ऐसे में वहां अंतिम स्थिति अधिकृत चुनावी रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होगी।
उदयपुर के 80 वार्डों में भी भाजपा और कांग्रेस ने अलग-अलग सामाजिक और स्थानीय समीकरणों के अनुसार प्रत्याशी उतारे हैं।
वार्ड 1 में भाजपा के दीपक शर्मा के सामने कांग्रेस के संजय शर्मा, वार्ड 2 में लक्ष्मण माली बनाम हर्षवर्धन केलावत, वार्ड 10 में सतीश शर्मा बनाम राजेंद्र शर्मा और वार्ड 24 में पारस सिंघवी बनाम सुंदर लाल वसीता का मुकाबला है।
आदिवासी आरक्षित सीटों पर भी दोनों दलों ने प्रत्याशी उतारे हैं। वार्ड 41 में सोहनलाल गमेती बनाम मेघराज गमेती, वार्ड 42 में लीला गमेती बनाम डॉ. खुशी गमेती और वार्ड 43 में रमेश गमेती बनाम राजकुमार गमेती आमने-सामने हैं।
वार्ड 80 में भाजपा ने प्रताप सिंह राठौड़ और कांग्रेस ने योगेश पुष्करणा को मैदान में उतारा है।
अलवर में भाजपा के टिकट वितरण को लेकर संगठन के भीतर नाराजगी पहले ही सामने आ चुकी है। इसी बीच 65 वार्डों की भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी सूची से चुनावी मुकाबले की तस्वीर भी साफ हो गई है।
वार्ड 1 में पंकज शर्मा बनाम महेंद्र सिंह, वार्ड 2 में विष्णु कुमार गुप्ता बनाम रमेश चंद सैनी, वार्ड 5 में मोहित चावरिया बनाम केशव और वार्ड 16 में भाजपा के गोविंद कुकरेजा के सामने कांग्रेस के विजेंद्र हैं।
वार्ड 34 में ओबीसी महिला सीट पर पूजा सैनी बनाम ममता देवी सैनी, वार्ड 37 में एसटी महिला सीट पर संध्या मीना बनाम सुनीता और वार्ड 60 में पूरण मल सैनी (पूरण भगत जी) बनाम कैलाश चंद सैनी का मुकाबला है।
अलवर में टिकट चयन को लेकर भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों की नाराजगी भी चुनाव प्रचार के दौरान बड़ा मुद्दा बन सकती है।
नामांकन के अंतिम दिन तक भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने में काफी सतर्कता बरती थी। अब उपलब्ध सूची में अजमेर के सभी 80 वार्डों के लिए दोनों दलों के नाम सामने आ रहे हैं, हालांकि कांग्रेस की ओर से वार्ड 3 और 4 के सामने नाम उपलब्ध नहीं है।
वार्ड 1 में भाजपा के विनोद डीडवानिया के सामने कांग्रेस के शैलेन्द्र अग्रवाल, वार्ड 2 में रितू मामनानी बनाम कमल बैरवा, वार्ड 5 में मंजू देवी रावत बनाम लक्ष्मी रावत और वार्ड 12 में भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी की पत्नी रंजना सोनी के सामने कांग्रेस की पूजा टांक का नाम है।
वार्ड 29 में हेमलता खत्री बनाम धीरज गुर्जर, वार्ड 31 में अंकित गुर्जर बनाम ललित गुर्जर, वार्ड 37 में रणविजय सिंह रावत बनाम सुवालाल गुर्जर और वार्ड 73 में गंगाराम सैनी बनाम पुष्पेन्द्र ओझा का मुकाबला सामने आया है।
वार्ड 80 में भाजपा की काश्यपी सांखला और कांग्रेस की नजमा बानो आमने-सामने हैं।
भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों की सूची में भी भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के नाम सामने आए हैं। हालांकि उपलब्ध सूची में कुछ वार्डों के सामने एक या दोनों दलों का नाम खाली है, इसलिए इन सीटों की अंतिम स्थिति अलग से स्पष्ट होगी।
वार्ड 1 में भाजपा के कप्तान सिंह मीणा के सामने कांग्रेस के समयसिंह मीणा, वार्ड 4 में भूपाल चन्द बनाम भूपेन्द्र सिंह, वार्ड 7 में भाजपा के तेजेन्द्र सिंह उर्फ लाला पहलवान के सामने कांग्रेस के राहुल चौधरी और वार्ड 26 में कृष्ण मुरारी बंसल बनाम संजय शुक्ला का मुकाबला है।
वार्ड 41 में योगेश्वरी मुदगल बनाम बबीता शर्मा, वार्ड 43 में प्रेमपाल सिंह बनाम इन्दु शेखर शर्मा और वार्ड 55 में कृष्ण कुमार शर्मा बनाम दयाचन्द पचोरी के नाम सामने आए हैं।
इन पांचों शहरों की सूचियों में टिकट वितरण के दौरान सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के साथ महिला आरक्षित सीटों का भी बड़ा प्रभाव दिखाई देता है। कई सामान्य सीटों पर महिला प्रत्याशी भी मैदान में हैं, जबकि राजनीतिक दलों ने स्थानीय जातीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नाम तय किए हैं।
अब प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने-अपने वार्ड में चुनाव प्रचार को अंतिम रूप देना और टिकट से वंचित दावेदारों की संभावित बगावत से निपटना होगी।
कोटा, उदयपुर, अलवर, अजमेर और भरतपुर को मिलाकर कुल 390 वार्ड हैं। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार सामने आने के बाद अब अगला फोकस निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों पर रहेगा।
कई शहरों में टिकट नहीं मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की नाराजगी पहले ही सामने आ चुकी है। ऐसे में कुछ वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के सीधे मुकाबले के बीच निर्दलीय प्रत्याशी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।