



जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा के चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी ने दावा किया है कि पार्टी की जमीनी स्तर की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम स्तर पर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने के बाद संभावित उम्मीदवारों के नामों पर प्रदेश नेतृत्व और वरिष्ठ पर्यवेक्षकों के साथ मंथन किया जा रहा है।
द्विवेदी के अनुसार प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अगले दिन शाम तक पूरी किए जाने का लक्ष्य है। इसके बाद भाजपा विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
हरीश द्विवेदी ने कहा कि टिकट चयन के लिए पिछले तीन-चार दिनों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत लगातार बैठकें चल रही हैं।
नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम स्तर पर संगठन के कार्यकर्ताओं से दावेदारों के संबंध में राय ली गई है। इसके बाद प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न निकायों में पर्यवेक्षक के रूप में भेजे गए वरिष्ठ नेताओं के साथ वार्डवार नामों पर चर्चा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी चुनावी जीत की संभावना, संगठनात्मक सक्रियता और स्थानीय फीडबैक को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों का चयन कर रही है।
द्विवेदी ने कहा कि भाजपा निकाय चुनाव को केवल राजनीतिक मुकाबले के रूप में नहीं देख रही, बल्कि शहरों में विकास को गति देने के अवसर के रूप में चुनाव लड़ रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए दावा किया कि ऊर्जा, पेयजल, आधारभूत ढांचे, कृषि, रोजगार और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किए गए हैं।
द्विवेदी ने कहा कि केंद्र और राज्य के बाद यदि स्थानीय निकायों में भी भाजपा के बोर्ड बनते हैं तो ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के जरिए शहरों में विकास कार्यों को और तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
निकाय चुनाव में भाजपा किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी, इस पर द्विवेदी ने कहा कि पार्टी राज्य सरकार के विकास कार्यों और सुशासन को प्रमुखता से सामने रखेगी।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में लगभग दो लाख लोगों को रोजगार मिला है और अपराधों में कमी लाने की दिशा में सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं।
ऊर्जा में आत्मनिर्भरता, पेयजल व्यवस्था, किसानों से जुड़े फैसले, महिला सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को भी भाजपा अपने चुनाव प्रचार का हिस्सा बनाएगी।
ये आंकड़े और उपलब्धियां द्विवेदी की ओर से किए गए राजनीतिक दावों के रूप में सामने आए हैं।
हरीश द्विवेदी ने राजस्थान में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की पहल का समर्थन करते हुए इसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दूरदर्शी कदम बताया।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर चुनाव होने से प्रशासनिक मशीनरी लंबे समय तक चुनावी व्यवस्थाओं में व्यस्त रहती है, जिससे समय और संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
द्विवेदी का कहना है कि एक साथ चुनाव होने से सरकारी संसाधनों की बचत होगी और उनका उपयोग प्रदेश के विकास, जनकल्याण तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में किया जा सकेगा।
द्विवेदी ने भाजपा के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी संगठन में समाज के प्रत्येक वर्ग को भागीदारी देने की कोशिश करती है।
उन्होंने कांग्रेस पर समाज को वर्गों में बांटकर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। द्विवेदी ने कहा कि भाजपा दलित, पिछड़े, आदिवासी और वंचित वर्गों को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के समान भागीदार के रूप में देखती है।
हरीश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों की याद चुनाव के समय आती है, जबकि भाजपा ने इन वर्गों के प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण पर लगातार जोर दिया है।
उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान और आदिवासी महिला को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाने जैसे उदाहरणों का उल्लेख किया।
तथ्यात्मक रूप से डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न वर्ष 1990 में तत्कालीन प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की सरकार के दौरान दिया गया था। उस समय भाजपा सरकार में नहीं थी, हालांकि वी.पी. सिंह सरकार को भाजपा का बाहरी समर्थन प्राप्त था। इसलिए इस विषय पर द्विवेदी के राजनीतिक वक्तव्य को इसी ऐतिहासिक संदर्भ में समझना उचित होगा।
द्विवेदी ने कहा कि भाजपा के लिए निकाय चुनाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने अन्य चुनाव। स्थानीय निकायों का आम जनता के दैनिक जीवन, सफाई, सड़क, पानी, सीवरेज और शहरी सुविधाओं से सीधा संबंध होता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता संगठन की पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे और सरकार की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाएंगे।
भाजपा में टिकटों पर चल रहा मंथन पूरा होने के बाद चुनाव प्रचार का अगला चरण शुरू होगा। पार्टी वार्ड स्तर पर जनसंपर्क, स्थानीय मुद्दों और राज्य सरकार की योजनाओं को केंद्र में रखकर मतदाताओं तक पहुंचने की तैयारी कर रही है।
हरीश द्विवेदी ने विश्वास जताया कि राजस्थान की जनता विकास और सुशासन के मुद्दे पर भाजपा को समर्थन देगी और नगरीय निकायों में पार्टी के बोर्ड बनने का रास्ता साफ होगा।