Saturday, 29 August 2026

जयपुर संभाग के टिकटों पर भाजपा की निर्णायक बैठक रविवार को, जोधपुर-भरतपुर पर देर रात तक चला मंथन


जयपुर संभाग के टिकटों पर भाजपा की निर्णायक बैठक रविवार को, जोधपुर-भरतपुर पर देर रात तक चला मंथन

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जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच रही है। भाजपा मुख्यालय में जयपुर संभाग के टिकटों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक अब रविवार सुबह आयोजित की जाएगी। इसमें जयपुर संभाग के विभिन्न नगरीय निकायों और वार्डों के दावेदारों पर विस्तार से चर्चा कर नामों को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।

शनिवार को भाजपा मुख्यालय में जोधपुर और भरतपुर संभाग के प्रत्याशियों को लेकर देर रात तक बैठक चली। दोनों संभागों के अलग-अलग निकायों और वार्डों के संभावित प्रत्याशियों के नाम, स्थानीय संगठन के फीडबैक और जीत की संभावना पर मंथन किया गया।

देर रात तक चली जोधपुर-भरतपुर संभाग की बैठक

भाजपा में टिकट वितरण को लेकर इस बार वार्ड स्तर तक विस्तृत समीक्षा की जा रही है। शनिवार को जोधपुर और भरतपुर संभाग के विभिन्न निकायों के टिकटों पर लंबी चर्चा हुई।

बैठक में स्थानीय नेताओं, संगठन पदाधिकारियों और संबंधित क्षेत्रों से मिले फीडबैक के आधार पर दावेदारों के नामों पर विचार किया गया। जिन सीटों पर एक नाम को लेकर सहमति बनी, वहां निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जबकि विवाद या एक से अधिक मजबूत दावेदार वाले वार्डों पर अतिरिक्त चर्चा की गई।

जिन सीटों पर फैसला नहीं, उन पर भी रात में चर्चा

कुछ संभागों और जिलों में अभी तक सभी वार्डों के प्रत्याशियों को लेकर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे मामलों को भी शनिवार देर रात होने वाली चर्चा में शामिल किया गया।

पार्टी की कोशिश है कि जिन सीटों पर असमंजस बना हुआ है, वहां स्थानीय समीकरण, संगठनात्मक राय और दावेदार की जीत की संभावना को देखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाए।

रविवार सुबह जयपुर संभाग की बारी

अब भाजपा नेतृत्व का पूरा फोकस जयपुर संभाग पर रहेगा। रविवार सुबह होने वाली बैठक में जयपुर के विभिन्न निकायों के वार्डों पर मंथन किया जाएगा।

जयपुर में टिकट के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सक्रिय हैं। कई वार्डों में एक से अधिक मजबूत नाम सामने आने के कारण पार्टी नेतृत्व के सामने संतुलन बनाने की चुनौती है। ऐसे में जयपुर संभाग की बैठक को भाजपा के निकाय चुनाव अभियान के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बगावत रोकना भी बड़ी चुनौती

टिकट वितरण के अंतिम दौर में भाजपा के सामने केवल जिताऊ उम्मीदवार चुनने की ही नहीं, बल्कि टिकट से वंचित रहने वाले दावेदारों को साधने की भी चुनौती है। कई वार्डों में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में अंतिम सूची या सिंबल वितरण के बाद असंतोष और निर्दलीय दावेदारी की संभावना से भी पार्टी नेतृत्व सतर्क है इसी कारण जिन सीटों पर सहमति नहीं बन पा रही है, वहां अंतिम निर्णय से पहले विस्तृत फीडबैक लिया जा रहा है।

रविवार की बैठक के बाद तस्वीर हो सकती है साफ

जयपुर संभाग की बैठक पूरी होने के बाद प्रदेश के बड़े हिस्से में भाजपा के प्रत्याशियों की स्थिति साफ होने की उम्मीद है। अब नजर इस बात पर है कि रविवार की बैठक में कितने वार्डों पर अंतिम सहमति बनती है और पार्टी प्रत्याशियों को किस प्रक्रिया से अधिकृत सिंबल जारी करती है।

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