



ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम दो देशों की मध्य एशिया यात्रा के पहले चरण में उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। एयरपोर्ट पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। इसे दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों को दर्शाने वाले विशेष कदम के तौर पर देखा जा रहा है। स्वागत के बाद दोनों नेता एक ही कार में एयरपोर्ट से रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी 29 और 30 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। इसके बाद वे किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक रवाना होंगे, जहां 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
ताशकंद पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के विशेष स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है और यह भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों की गहराई तथा लगातार बढ़ती गति को दर्शाती है। मोदी इससे पहले 2015, 2016 और 2022 में उज्बेकिस्तान जा चुके हैं।
करीब चार साल बाद प्रधानमंत्री मोदी फिर मध्य एशिया की इस महत्वपूर्ण यात्रा पर पहुंचे हैं। उनके दौरे का मुख्य फोकस भारत की उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर रहेगा।
रविवार को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे।
दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक बातचीत के बाद कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर की भी योजना है। वार्ता में भारत के ‘विकसित भारत@2047’ और उज्बेकिस्तान के ‘Uzbekistan-2030’ विकास लक्ष्यों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।
अपने ताशकंद प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी शास्त्री मेमोरियल भी जाएंगे। यह स्थान भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की स्मृति से जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा मोदी ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री ने इसे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क का प्रतीक बताया है।
उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे। यहां वे 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस वर्ष सम्मेलन इसलिए भी खास है क्योंकि शंघाई सहयोग संगठन अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। भारत वर्ष 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा से पहले अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत SCO मंच पर Security, Connectivity and Opportunity यानी सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित अपने दृष्टिकोण को आगे रखेगा। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए खतरा बताते हुए सदस्य देशों के साथ मिलकर इन चुनौतियों से निपटने की बात कही है।
प्रधानमंत्री SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे और सम्मेलन से इतर विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें कर सकते हैं।
बिश्केक प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन मध्य एशिया की पारंपरिक संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने वाला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है।
प्रधानमंत्री मोदी की 29 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली यह यात्रा भारत की मध्य एशिया नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ताशकंद में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के बाद बिश्केक में होने वाली SCO समिट के जरिए भारत क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगा।