



जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने अभी तक आधिकारिक प्रत्याशी सूची जारी नहीं की है, लेकिन टिकट की घोषणा से पहले ही दोनों दलों के कई दावेदारों ने नामांकन दाखिल कर दिए हैं। दूसरे दिन कांग्रेस से 34 उम्मीदवारों ने 25 वार्डों से नामांकन भरा, जबकि भाजपा से 12 उम्मीदवारों ने 11 वार्डों से नामांकन दाखिल किया।
चुनाव कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को कुल 69 उम्मीदवारों ने 137 नामांकन पत्र दाखिल किए। कई प्रत्याशियों ने एक से अधिक सेट में नामांकन भरे हैं।
कांग्रेस और भाजपा ने फिलहाल अधिकृत सिंबल जारी नहीं किए हैं, इसलिए पार्टी के नाम से नामांकन भरने वाले सभी दावेदार अंतिम रूप से अधिकृत प्रत्याशी नहीं माने जाएंगे। सिंबल आवंटन और पार्टी की आधिकारिक सूचना के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर कई वार्डों में मुकाबला तेज दिखाई दे रहा है। पार्टी से जुड़े 34 दावेदारों ने 25 वार्डों से नामांकन दाखिल किए हैं।
वार्ड 11 और वार्ड 47 में कांग्रेस से तीन-तीन उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। वहीं वार्ड 50, 99, 101, 140 और 145 में दो-दो दावेदारों ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया है। इससे साफ है कि आधिकारिक टिकट घोषणा से पहले कई वार्डों में पार्टी के भीतर ही एक से अधिक दावेदार मैदान में बने हुए हैं।
वार्ड 11 में हनुमान सहाय शर्मा, बृजकिशोर पाठक और पवन कुमार शर्मा ने कांग्रेस के नाम से नामांकन दाखिल किया है। इसी तरह वार्ड 47 से विजय गुप्ता, दामोदर मीना और लक्ष्मीकांत शर्मा ने दावेदारी पेश की है। इन वार्डों में अब पार्टी नेतृत्व के अंतिम फैसले पर नजर रहेगी कि टिकट किस उम्मीदवार को मिलता है और बाकी दावेदार नाम वापस लेते हैं या चुनाव मैदान में बने रहते हैं।
भाजपा की ओर से शनिवार तक 11 वार्डों में 12 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। सबसे ज्यादा दावेदारी वार्ड 31 में देखने को मिली, जहां रोनक सिंह रावत और मुकेश कुमार जांगिड़ दोनों ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा है। बाकी वार्डों में फिलहाल भाजपा के नाम से एक-एक दावेदार ने पर्चा दाखिल किया है।
इससे पहले 27 अगस्त, नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन, 11 प्रत्याशियों ने कुल 13 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। पहले दिन वार्ड 148, 99, 50, 12, 14, 16, 25, 31 और 40 से नामांकन आए थे। इनमें दो प्रत्याशियों ने दो-दो सेट में पर्चे भरे थे। एक नामांकन कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर और दूसरा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल किया गया था।
फिलहाल कांग्रेस और भाजपा दोनों में टिकट को लेकर मंथन जारी है। ऐसे में पार्टी के नाम से नामांकन करने वाले सभी उम्मीदवारों को अंतिम प्रत्याशी नहीं माना जा सकता।
आधिकारिक सिंबल मिलने के बाद ही साफ होगा कि किस वार्ड से कौन पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार होगा। टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों के सामने नाम वापस लेने, निर्दलीय चुनाव लड़ने या किसी अन्य दल से मैदान में उतरने का विकल्प रहेगा। कई वार्डों में एक ही पार्टी से दो या तीन दावेदारों के नामांकन ने टिकट वितरण से पहले ही अंदरूनी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण में भाजपा और कांग्रेस की अधिकृत सूची सामने आने के बाद बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के पर्चे दाखिल होने की संभावना है। पार्टी टिकटों की घोषणा के साथ ही चुनावी समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। खास तौर पर उन वार्डों में बगावत की आशंका रहेगी, जहां एक ही दल से कई मजबूत दावेदार पहले ही नामांकन कर चुके हैं।