Saturday, 29 August 2026

इंटरनेशनल जाली नोट गिरोह के खुलासे के बाद जयपुर पुलिस सतर्क, एडवाइजरी जारी, असली-नकली नोट की पहचान


इंटरनेशनल जाली नोट गिरोह के खुलासे के बाद जयपुर पुलिस सतर्क, एडवाइजरी जारी, असली-नकली नोट की पहचान

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जयपुर। जयपुर में जाली नोटों के अंतरराज्यीय और कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आमजन को नकली करेंसी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने लोगों को बताया है कि संदिग्ध नोट मिलने पर उसे बाजार में आगे चलाने की कोशिश न करें, बल्कि बैंक में जाकर उसकी जांच कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।

पुलिस के अनुसार नकली नोटों की क्वालिटी एक जैसी नहीं होती। कुछ जाली नोट देखने में साधारण होते हैं, जबकि कुछ में असली नोट जैसे सुरक्षा फीचर्स की नकल की जाती है। इसलिए केवल रंग या कागज देखकर फैसला करना हमेशा आसान नहीं होता।

संदेह हो तो बैंक में कराएं जांच

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई करेंसी नोट नकली जैसा लगे तो उसे किसी दुकानदार, व्यक्ति या बाजार में आगे चलाने की कोशिश न करें।

ऐसे नोट को बैंक में ले जाकर जांच कराई जा सकती है। बैंक में नोट के सुरक्षा फीचर्स, प्रिंटिंग, कागज और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा सकती है। इससे अनजाने में नकली करेंसी आगे चलाने से बचा जा सकता है और बाद में होने वाली कानूनी परेशानी की आशंका भी कम होती है।

UV लाइट से भी की जा सकती है जांच

संदिग्ध नोट की जांच के लिए अल्ट्रावॉयलेट (UV) लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है। कई सुरक्षा फीचर्स यूवी प्रकाश में अलग तरह से दिखाई देते हैं।

इसके अलावा नोट की जांच करते समय इन बातों पर ध्यान दिया जा सकता है:

  • वॉटरमार्क स्पष्ट और स्वाभाविक दिख रहा है या नहीं

  • सुरक्षा धागा सही जगह और सही प्रकार का है या नहीं

  • प्रिंटिंग धुंधली, फैली हुई या असमान तो नहीं है

  • नोट के कागज की बनावट सामान्य करेंसी से अलग तो नहीं लग रही

  • नंबरिंग, रंग और डिजाइन में कोई असामान्यता तो नहीं है

हालांकि किसी नोट को लेकर संदेह बने रहने पर अंतिम भरोसा स्वयं की जांच पर करने के बजाय बैंक या अधिकृत माध्यम से सत्यापन कराना बेहतर माना गया है।

जयपुर में ₹4.30 लाख से ज्यादा के नकली नोट बरामद

यह अलर्ट उस कार्रवाई के बाद जारी किया गया है, जिसमें बजाज नगर थाना पुलिस और CST टीम ने जाली नोटों के नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से ₹4 लाख 30 हजार 500 की नकली करेंसी बरामद की गई। इनमें ₹500 मूल्यवर्ग के जाली नोट शामिल थे।

कार्रवाई के बाद पुलिस ने गिरोह के नेटवर्क, नोटों के स्रोत और इन्हें बाजार में खपाने की योजना को लेकर पूछताछ शुरू की।

बांग्लादेश से खेप आने का दावा

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि जाली नोटों की खेप बांग्लादेश से जयपुर पहुंची थी।

अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि नकली नोट किस रूट से राजस्थान पहुंचे, इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितनी मात्रा में करेंसी पहले ही बाजार में पहुंचाई जा चुकी है।

निकाय चुनाव में खपाने की तैयारी का दावा

पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में यह भी दावा सामने आया कि नकली नोटों को आगामी नगर निकाय चुनाव के दौरान खपाने की तैयारी की जा रही थी।

यह दावा फिलहाल पुलिस जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस योजना का दायरा कितना बड़ा था और क्या इसके पीछे किसी अन्य नेटवर्क या स्थानीय संपर्क की भूमिका भी थी।

नकली नोट मिलने पर घबराएं नहीं, आगे न चलाएं

पुलिस ने साफ किया है कि नकली नोट मिलने की आशंका पर घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संदिग्ध नोट को बाजार में आगे न चलाया जाए।

नोट को सुरक्षित रखकर बैंक या संबंधित प्राधिकरण से उसकी जांच कराना उचित तरीका है। इससे नकली करेंसी के प्रसार को रोकने में भी मदद मिल सकती है।

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