



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जापान के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर राजस्थान में उद्योग, निवेश और विशेष रूप से रत्न-आभूषण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान और जापान के बीच औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर में वैश्विक स्तर पर बड़ी संभावनाएं हैं और जापान की तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता के साथ इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर ज्वैलरी एसोसिएशन और यामानाशी ज्वैलरी एसोसिएशन आपसी सहयोग के जरिए तकनीक, डिजाइन, निवेश और व्यापार के नए अवसर विकसित करें।
उन्होंने कहा कि दोनों संगठनों के बीच मजबूत साझेदारी से न केवल रत्न-आभूषण व्यापार का विस्तार होगा, बल्कि उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि निवेश और औद्योगिक विकास का सबसे बड़ा उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। रत्न-आभूषण उद्योग पहले से ही राजस्थान की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें तकनीकी सहयोग तथा निवेश बढ़ने से बड़ी संख्या में नए रोजगार सृजित किए जा सकते हैं।
उन्होंने जापानी प्रतिनिधिमंडल से राजस्थान में अन्य उद्योगों में भी निवेश की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए काम कर रही है। जापान जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देश के साथ सहयोग से प्रदेश में आधुनिक उद्योग, कौशल विकास और निर्यात को नई गति मिल सकती है।
बैठक में राजस्थान और जापान के बीच लंबे समय के औद्योगिक एवं व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और भविष्य में नई साझेदारियों के अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
जयपुर पहले से ही रंगीन रत्नों और आभूषण निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान रखता है। ऐसे में जापानी तकनीक और निवेश के साथ सहयोग बढ़ने से उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, प्रोसेसिंग और वैश्विक मार्केटिंग में नए अवसर बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि जयपुर और यामानाशी की ज्वैलरी एसोसिएशन मिलकर ऐसी दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करेंगी, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत हों।