



टोंक। जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर मंदिर से रवाना हुई 61वीं लक्खी पदयात्रा के पांच दिवसीय मेले का शनिवार को डिग्गी में विशाल शोभायात्रा के साथ समापन हुआ। शाम को बस स्टैंड स्थित मीणा धर्मशाला के बाहर से श्री कल्याण जी मंदिर तक शाही लवाजमे के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा में पदयात्रा के शाही ध्वज को कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और वृंदावन की कथावाचक साध्वी कृष्णेश्वरी देवी ने रवाना किया। इस दौरान पदयात्रा संचालक श्रीजी शर्मा सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया।
शोभायात्रा के दौरान डिग्गीवासियों ने जगह-जगह कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कंट्रोल रूम पर नगरपालिका डिग्गी के अधिशासी अधिकारी रामकेश चौधरी ने भी मंत्री का स्वागत किया।
इस मौके पर पदयात्रा संचालक श्रीजी शर्मा ने उद्योग प्रकोष्ठ के सहसंयोजक नरेंद्र कुमार जैन ‘नीटू’, भाजपा लावा मंडल अध्यक्ष इंद्रपाल चौधरी और रघुवीर सिंह सहित अन्य अतिथियों का भी अभिनंदन किया।
समापन कार्यक्रम के दौरान श्री कल्याण जी मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी हुए। गंगोत्री से लाए गए पवित्र जल से श्री कल्याण जी का अभिषेक किया गया।
इसके साथ ही पांच दिनों से चल रही 61वीं लक्खी पदयात्रा और मेले का औपचारिक समापन हुआ। लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु इसके बाद अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होने लगे।
टोंक डिपो के मुख्य प्रबंधक पवन कुमार मीणा ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए 50 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई थी।
सरकार के निर्देशानुसार लक्खी मेले के दौरान यात्रियों को बस टिकट में 50 प्रतिशत की रियायत भी दी गई। अतिरिक्त बसों के लगातार फेरे लगाए गए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।
मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस एवं प्रशासन लगातार सक्रिय रहा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी, पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत और डिग्गी थाना प्रभारी गोपाल चौधरी सहित पुलिस अधिकारी लगातार गश्त करते रहे।
पुलिस और प्रशासन की सतत निगरानी के चलते मेले के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पांच दिवसीय आयोजन के शांतिपूर्ण समापन के बाद पुलिस और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
61वें लक्खी मेले के दौरान डिग्गी में पांच दिनों तक श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री कल्याण जी के दर्शन किए और मन्नतें मांगीं।
शाही ध्वज की शोभायात्रा और श्रीजी के अभिषेक के साथ मेले का समापन हुआ, लेकिन पूरे आयोजन के दौरान उमड़ी आस्था ने डिग्गी को धार्मिक रंग में रंगे रखा।