Saturday, 22 August 2026

एथेनॉल ब्लेंडिंग और चीनी की बढ़ती कीमतों पर गहलोत का मोदी सरकार पर हमला, बोले- जनता चुका रही गलत फैसलों की कीमत


एथेनॉल ब्लेंडिंग और चीनी की बढ़ती कीमतों पर गहलोत का मोदी सरकार पर हमला, बोले- जनता चुका रही गलत फैसलों की कीमत

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जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग की केंद्र सरकार की नीति और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की अदूरदर्शिता और बिना पर्याप्त तैयारी के लिए गए फैसलों का आर्थिक बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।

गहलोत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान में कहा कि गन्ने का बड़ा हिस्सा अब चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल निर्माण की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। उनके अनुसार इससे खुले बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है और कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।

गहलोत का दावा- 15 दिन में 14 से 17 रुपए किलो बढ़ी चीनी

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि महज 15 दिनों के भीतर चीनी के दाम 14 से 17 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। उन्होंने इसे सीधे आम परिवारों की रसोई और घरेलू बजट से जुड़ा मुद्दा बताया।

गहलोत का कहना है कि यदि गन्ने का बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में चला जाएगा तो चीनी उत्पादन पर दबाव बनना स्वाभाविक है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि ऐसी नीतियों को लागू करने से पहले बाजार में चीनी की उपलब्धता और उपभोक्ताओं पर संभावित असर का पर्याप्त आकलन क्यों नहीं किया गया।

वाहन चालकों की जेब का भी उठाया मुद्दा

गहलोत ने केवल चीनी की महंगाई तक अपनी आपत्ति सीमित नहीं रखी, बल्कि पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग से वाहन चालकों पर पड़ने वाले असर को भी मुद्दा बनाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति का असर एक ओर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर वाहन मालिकों को भी इसके आर्थिक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि एथेनॉल ब्लेंडिंग को केंद्र सरकार लंबे समय से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने और किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार तैयार करने की नीति के रूप में पेश करती रही है। ऐसे में गहलोत के आरोपों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

राजस्थान की राजनीति में बढ़ी हलचल

अशोक गहलोत का बयान ऐसे समय सामने आया है जब महंगाई और आम उपभोक्ता पर बढ़ते खर्च को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है।

गहलोत ने चीनी की कीमतों और एथेनॉल नीति को एक-दूसरे से जोड़ते हुए इसे सीधे आम आदमी की जेब का मुद्दा बनाया है।

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