



पद्मनाभ सिंह ने की आरती, छोटी चौपड़ पर दिया कुमारी और सांसद मंजू शर्मा ने की महाआरती, 175 लोक कलाकारों ने बिखेरा राजस्थान का लोक वैभव
जयपुर। तीज के लोकगीतों, जयकारों और शाही लवाजमे के बीच शनिवार शाम जयपुर में तीज माता की भव्य शाही सवारी निकाली गई। सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी में पूर्व राजपरिवार की महिला सदस्यों ने तीज माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद तीज माता की पालकी शाही लवाजमे के साथ त्रिपोलिया गेट पहुंची, जहां जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने तीज माता की आरती की। आरती के बाद सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। त्रिपोलिया गेट से छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार तक जयपुर की ऐतिहासिक गलियां लोकगीतों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और तीज माता के जयकारों से गूंज उठीं।
तीज माता की सवारी छोटी चौपड़ पहुंची तो यहां उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी और जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने तीज माता की महाआरती की। इस दौरान जेल बैंड और आरएसी बैंड की प्रस्तुतियों ने माहौल को और भव्य बना दिया। जयपुर व्यापार महासंघ की ओर से तीज माता की सवारी पर पुष्पवर्षा की गई।
शाही सवारी में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 175 लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। कच्ची घोड़ी, कालबेलिया, चरी, घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली और बहुरूपिया जैसी लोक विधाओं ने राजस्थान के अलग-अलग अंचलों की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया। घोड़ों और ऊंटों से सजे शाही लवाजमे ने सवारी की राजसी छटा को और आकर्षक बनाया।
शौर्य सेवा संगठन की बालिकाओं ने तलवारबाजी का प्रदर्शन कर दर्शकों का ध्यान खींचा। पारंपरिक तीज उत्सव के बीच यह प्रस्तुति राजस्थान की वीर परंपरा और महिला शक्ति का प्रतीक बनी।
छोटी चौपड़ के बाद शाही सवारी गणगौरी बाजार होते हुए तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क पहुंची। यहां कला मेले और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उत्सव को आगे बढ़ाया। सवारी मार्ग पर महलों, अटारियों, झरोखों और हवेलियों से बड़ी संख्या में लोगों ने तीज माता की पालकी के दर्शन किए। देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
इस बार तीज माता की शाही सवारी को परकोटे से बाहर भी व्यापक रूप से दिखाया गया। जयपुर में 13 प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर लाइव प्रसारण किया गया। इनमें अजमेरी गेट, न्यू गेट, सरावगी मेंशन, मोती डूंगरी, त्रिमूर्ति सर्किल, रामबाग सर्किल, एसएमएस स्टेडियम, महाराजा कॉलेज, बिरला मंदिर, राजस्थान विश्वविद्यालय, राजस्थान कॉलेज, ओटीएस चौराहा और जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट शामिल रहे।
इस बार जयपुर की तीज का रंग केवल परकोटे तक सीमित नहीं रहा। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के डिजिटल माध्यम से उत्तर अमेरिका में बसे प्रवासी राजस्थानियों तक भी शाही सवारी का लाइव प्रसारण पहुंचा। पर्यटन विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सवारी की लाइव स्ट्रीमिंग की गई। दिल्ली से आए सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने भी तीज उत्सव की झलकियां अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साझा कीं।
शाही सवारी के दौरान ड्रोन से पुष्पवर्षा भी की गई। इससे सवारी की भव्यता और बढ़ गई। पूरे मार्ग पर पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत, वाद्ययंत्र और जयकारों के बीच जयपुर की सांस्कृतिक विरासत जीवंत नजर आई।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, तीज माता की शाही सवारी जयपुर की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें आस्था, लोककला, संगीत, शौर्य और राजसी विरासत एक साथ दिखाई देती है। इस बार डिजिटल माध्यम से इस परंपरा को देश-विदेश में बसे दर्शकों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
