



कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं को भी मौका देने के संकेत, ओबीसी-एससी-एसटी आरक्षण विवाद पर बोले—सरकार नहीं, आयोगों की प्रक्रिया
जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर भाजपा ने टिकट वितरण का फार्मूला स्पष्ट किया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी इस बार सर्वे के आधार पर प्रत्याशियों का चयन करेगी और टिकट बंटवारे में किसी भी कार्यकर्ता के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टिकट के लिए पहली प्राथमिकता ऐसे व्यक्ति को दी जाएगी, जो जनसेवक हो, जनता के विकास के लिए समय दे सके और स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हो।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को टिकट दिए जाने के सवाल पर मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। जो व्यक्ति जनता के बीच सक्रिय है, जनसेवा करता है और जनता उसे पसंद करती है, उसे चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल टिकट देना नहीं, बल्कि ऐसा उम्मीदवार चुनना है जो चुनाव जीतकर विकास कार्यों को आगे बढ़ा सके।
राठौड़ ने कहा कि प्रदेश की जनता जागरूक है और चुनावों में विकास की निरंतरता को महत्व देती है। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय निकायों में भी भाजपा की सरकार बनती है तो विकास कार्यों को गति मिलती है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस समय विकास चाहती है और चुनाव में इसी आधार पर निर्णय करेगी।
निकाय और जिला प्रमुख पदों की आरक्षण लॉटरी में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के प्रतिनिधित्व को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सवालों पर मदन राठौड़ ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डोटासरा को यह सोचना चाहिए कि वे सवाल किससे कर रहे हैं। उनके अनुसार आरक्षण की प्रक्रिया सरकार ने तय नहीं की है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लॉटरी निकाली जा रही है और यह संबंधित आयोगों तथा निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा है। राठौड़ ने कहा कि इस मामले में सीधे सरकार पर आरोप लगाना उचित नहीं है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से कथित मंच शुद्धिकरण के आरोपों पर भी मदन राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा छुआछूत को कभी स्वीकार नहीं करती और पूरे समाज को एक मानती है। उन्होंने विपक्ष पर गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर समाज में विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया।
राठौड़ ने कहा कि भाजपा समाज को जोड़ने की राजनीति करती है और किसी भी प्रकार की सामाजिक भेदभाव की सोच को स्वीकार नहीं करती।