



राजस्थान यूथ कॉन्क्लेव में वित्त मंत्री बोलीं—सही दिशा में मेहनत से स्टार्टअप आमजन के जीवन में बदलाव ला सकते हैं, सीएम भजनलाल बोले, ढाई साल में 4,828 नए स्टार्टअप पंजीकृत
जयपुर। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्टार्टअप तभी आगे बढ़ता है, जब उसे आवश्यक अनुदान, नीति समर्थन और सही दिशा में काम करने का अवसर मिले। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने स्टार्टअप विचारों को धरातल पर उतारें और ऐसी सेवाएं विकसित करें, जिनका लाभ आमजन को मिले।
सीतारमण गुरुवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राजस्थान यूथ कॉन्क्लेव को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनकी सेवाएं ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंचनी चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक नीति, अनुदान और वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार की ओर से स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने और वित्तीय मदद उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम में राजस्थान का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश के स्टार्टअप्स की उपलब्धियों के बारे में व्यापक स्तर पर जानकारी पहुंचनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान निर्मला सीतारमण ने प्रदेश के विभिन्न स्टार्टअप फाउंडर्स से बातचीत की। उन्होंने नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने वाले स्टार्टअप विचारों की सराहना की और युवाओं को नवाचार के जरिए समाज की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान उन्होंने राजीविका से जुड़ी एक महिला से भी संवाद किया और उसके अनुभवों की जानकारी ली।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए पीएम जनधन योजना शुरू की गई।
उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से परिवार के एक सदस्य का बैंक खाता खोलने पर जोर दिया गया। अब इन खातों में हुए वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड के आधार पर आमजन के लिए ऋण सुविधाओं तक पहुंच भी आसान हुई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने, नई संभावनाएं तलाशने और अपने सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव अवसर और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार का संकल्प है।
उन्होंने बताया कि पिछले करीब ढाई साल में राजस्थान में 4,828 नए स्टार्टअप पंजीकृत किए गए हैं। राज्य सरकार युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
राजस्थान यूथ कॉन्क्लेव में स्टार्टअप्स और उद्यमिता को रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। सरकार का फोकस युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नए अवसर और रोजगार पैदा करने वाला बनाने पर है। कार्यक्रम में युवाओं, स्टार्टअप फाउंडर्स और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों ने नवाचार, फंडिंग और प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर संवाद किया।