Tuesday, 11 August 2026

एसडीएम थप्पड़ कांड में नरेश मीणा को राहत नहीं, एससी-एसटी कोर्ट ने नियमित जमानत याचिका खारिज की


एसडीएम थप्पड़ कांड में नरेश मीणा को राहत नहीं, एससी-एसटी कोर्ट ने नियमित जमानत याचिका खारिज की

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अब हाईकोर्ट जाएंगे नरेश मीणा, पहले मिली सशर्त जमानत उल्लंघन के बाद हुई थी रद्द, समरावता हिंसा प्रकरण में करीब 60 आरोपी

टोंक। देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान हुए चर्चित एसडीएम थप्पड़ कांड में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा को मंगलवार को राहत नहीं मिली। एससी-एसटी विशिष्ट अदालत, टोंक ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।

विशिष्ट लोक अभियोजक रामावतार सोनी के अनुसार, मंगलवार शाम न्यायाधीश आरती माहेश्वरी ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद इसे खारिज करने का आदेश दिया। वहीं नरेश मीणा के अधिवक्ता फतेहराम मीणा ने बताया कि अब जमानत के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

पहले हाईकोर्ट से मिली थी सशर्त जमानत

नरेश मीणा को करीब आठ महीने बाद 14 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। जमानत की शर्तों में किसी धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं होना तथा स्वागत-सत्कार जैसे आयोजनों से दूरी बनाए रखना शामिल था।

बाद में आरोप लगा कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी में स्कूल भवन की छत गिरने से बच्चों की मौत के बाद हुए आंदोलन में शामिल होकर उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया।

इसी आधार पर नगरफोर्ट थाना पुलिस ने अदालत में जमानत निरस्त करने की याचिका दायर की। इसे स्वीकार करते हुए एससी-एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी और आत्मसमर्पण के निर्देश दिए।

6 अगस्त को किया था सरेंडर

जमानत रद्द होने के बाद नरेश मीणा ने 6 अगस्त को नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया था। इसके बाद उनकी ओर से नियमित जमानत के लिए एससी-एसटी विशिष्ट अदालत में आवेदन किया गया, लेकिन मंगलवार को अदालत ने यह याचिका भी खारिज कर दी। अब उनकी कानूनी टीम ने हाईकोर्ट का रुख करने का निर्णय लिया है।

समरावता हिंसा प्रकरण में करीब 60 आरोपी

एसडीएम थप्पड़ कांड से जुड़े समरावता हिंसा प्रकरण में नरेश मीणा सहित करीब 60 लोगों के खिलाफ मामला विचाराधीन है। अन्य आरोपी फिलहाल जमानत पर बताए जा रहे हैं। मामले में नरेश मीणा की भूमिका और घटनाक्रम को लेकर न्यायालय में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी।

चल-अचल संपत्ति का विवरण भी जुटा रही पुलिस

इधर, एक अन्य मामले में विशेष न्यायालय के निर्देश पर नगरफोर्ट थाना पुलिस ने नरेश मीणा की चल-अचल संपत्ति का विवरण जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

न्यायालय के आदेश की पालना में पुलिस ने ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता, तहसील मोठपुर, जिला बारां के सरपंच को पत्र भेजकर नरेश मीणा की संपत्ति का पूरा विवरण मांगा है। यह जानकारी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

क्या है एसडीएम थप्पड़ कांड

देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान 13 नवंबर 2024 को समरावता गांव के लोगों ने उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे।

आरोप है कि तीन लोगों से जबरन मतदान कराने का विरोध करते हुए नरेश मीणा ने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद 14 नवंबर को पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार किया और 15 नवंबर को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया। अब नियमित जमानत याचिका खारिज होने के बाद मामले में अगला महत्वपूर्ण कानूनी कदम हाईकोर्ट में दायर होने वाली जमानत याचिका होगी।

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