



मेवाराम जैन ने बाड़मेर में गुटबाजी का मुद्दा उठाया, अजमेर के नेताओं ने बाहरी दखल का लगाया आरोप, डोटासरा बोले—बातचीत से दूर करेंगे मतभेद
जयपुर। राजस्थान में आगामी शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनावों से पहले कांग्रेस के भीतर जिलास्तर पर चल रही खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। बाड़मेर और अजमेर के कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को जयपुर पहुंचकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की और अपने-अपने जिलों में गुटबाजी तथा संगठनात्मक मतभेदों की शिकायत की।
बाड़मेर से पूर्व विधायक मेवाराम जैन और उनके समर्थकों ने डोटासरा के सामने कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी एवं बायतू विधायक हरीश चौधरी को लेकर शिकायत रखी। जैन खेमे की ओर से हरीश चौधरी पर मनमानी और गुटबाजी के आरोप लगाए गए। दोनों नेताओं के खेमों के बीच लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चली आ रही है।
प्रदेशाध्यक्ष से मुलाकात के बाद पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को दोबारा मजबूत करने और आपसी गुटबाजी समाप्त करने के मुद्दे पर प्रदेशाध्यक्ष से चर्चा की है।
उन्होंने कहा कि बाड़मेर कांग्रेस में गुटबाजी बहुत ज्यादा है और इसे समाप्त कर संगठन को एकजुट करने की जरूरत है। गुटबाजी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का नाम भी प्रदेशाध्यक्ष को बता दिया गया है। मेवाराम जैन ने कहा कि पिछले समय में जो कुछ हुआ, उसे भूलकर सभी को साथ आना चाहिए और कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।
उधर, अजमेर कांग्रेस में चल रहा आंतरिक विवाद भी प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय तक पहुंच गया। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय जैन और उनके समर्थकों ने गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात कर अजमेर में पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों की शिकायत की।
आरोप पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ के खेमे को लेकर बताए गए हैं। हालांकि विजय जैन ने मीडिया के सामने किसी नेता का नाम खुलकर नहीं लिया, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष के सामने संबंधित व्यक्ति का नाम बताने की बात कही।
विजय जैन ने कहा कि अजमेर में जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है, उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष के सामने अपनी बात रखी है। पार्टी के कार्यक्रमों में पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार किए जाने की शिकायत भी की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से आए एक व्यक्ति के अजमेर की राजनीति में हस्तक्षेप के कारण संगठन में विवाद बढ़ रहा है। कुछ स्थानीय नेता व्यक्तिगत फायदे के लिए उनका साथ देकर पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन सभी मुद्दों से प्रदेशाध्यक्ष को अवगत कराया गया है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी बाड़मेर और अजमेर में संगठन के भीतर कुछ मतभेद होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि छोटी-मोटी संगठनात्मक समस्याएं हैं, जिन्हें सभी संबंधित नेताओं को साथ बैठाकर बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा।
डोटासरा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय कुछ परिस्थितियों के कारण मेवाराम जैन कांग्रेस में नहीं थे। बाद में हाईकमान के फैसले के बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हुई। अब बाड़मेर में सभी नेताओं को साथ लेकर संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
अजमेर को लेकर उन्होंने कहा कि शहर कांग्रेस में भी कुछ दिक्कतें हैं और वहां के नेताओं को भी बैठाकर बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पूरे राजस्थान में कांग्रेस एकजुट है।
प्रदेश में निकाय और पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के बीच बाड़मेर और अजमेर के नेताओं की शिकायतों ने कांग्रेस के सामने आंतरिक मतभेदों को सुलझाने की चुनौती बढ़ा दी है। टिकट वितरण के समय स्थानीय स्तर पर गुटबाजी और दावेदारी और तेज हो सकती है।
ऐसे में चुनावी प्रक्रिया तेज होने से पहले प्रदेश नेतृत्व के सामने जिलों में अलग-अलग खेमों को एक मंच पर लाना और कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करना महत्वपूर्ण होगा।
