



नांगल प्यारीवास के पंच अथाई परिसर में उमड़ा जनसैलाब, किरोड़ी लाल मीणा ने युवाओं से नशे और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का किया आह्वान
दौसा। नांगल प्यारीवास स्थित पंच अथाई परिसर में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। हजारों लोगों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया और कहा कि आरक्षण समाप्त होने की बातों से लोगों को भ्रमित नहीं होना चाहिए।
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए कहा कि लोग तरह-तरह की बातें करते हैं कि आरक्षण खत्म होने वाला है या मोदी आरक्षण खत्म कर देंगे, लेकिन जब तक किरोड़ी के तन में जान है, आरक्षण का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत तभी बढ़ेगी, जब युवा शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देंगे।
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा टीटोली टोल से समर्थकों के साथ जुलूस के रूप में पंच अथाई पहुंचे। रास्ते में बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ जुड़े और कार्यक्रम स्थल पर हजारों लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा के राजनीतिक जीवन, आंदोलनों और संघर्षों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
अपने लंबे राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि उन्होंने करीब 600 आंदोलनों में भाग लिया है, 17 बार जेल गए और 138 मुकदमों का सामना किया। उन्होंने कहा कि जनहित और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राजनीतिक जीवन में उन्हें कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन जनहित के मुद्दों को लेकर उन्होंने कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया।
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने पंच अथाई परिसर को ‘मीणा हाईकोर्ट’ के नाम से पहचाने जाने के पीछे का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय पंचायत से जुड़े एक मामले को लेकर बड़ी संख्या में लोग यहां एकत्रित हुए थे। इसके बाद करीब 50 हजार लोगों ने दौसा की ओर कूच किया। इस जनसमूह में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा के अनुसार, कुछ किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद पुलिस 14 पंचों को लेकर आई और उन्हें लोगों के सुपुर्द कर दिया। उन्होंने कहा कि आज तक उन्हें यह समझ नहीं आया कि प्रशासन ने उस समय ऐसा फैसला क्यों लिया।
उन्होंने इस घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है और इसी ऐतिहासिक संघर्ष के कारण पंच अथाई को बाद में ‘मीणा हाईकोर्ट’ के नाम से पहचान मिलने लगी। विश्व आदिवासी दिवस महोत्सव के दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।