Monday, 10 August 2026

संसद में सोमवार को 4 अहम बिल होंगे पेश, लोकसभा में ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स से लेकर केरल के नाम परिवर्तन तक प्रस्ताव


संसद में सोमवार को 4 अहम बिल होंगे पेश, लोकसभा में ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स से लेकर केरल के नाम परिवर्तन तक प्रस्ताव

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केंद्रीय गृह मंत्री मित शाह पेश करेंगे दो बिल, कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल लाएंगे ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पर चर्चा
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सोमवार का दिन विधायी कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। लोकसभा में चार अहम बिल पेश किए जाने हैं, जबकि राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पर चर्चा होगी।

लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगे। इनमें केरल (अल्टरेशन ऑफ नेम) बिल, 2026 और नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एक्ट, 1962 में संशोधन से जुड़ा बिल शामिल है।

केरल के नाम परिवर्तन से जुड़ा बिल होगा पेश

गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पेश किया जाने वाला केरल (अल्टरेशन ऑफ नेम) बिल, 2026 राज्य के नाम में प्रस्तावित बदलाव से संबंधित है। इस बिल पर आगे सदन में चर्चा और विधायी प्रक्रिया के तहत विचार किया जाएगा। इसके अलावा अमित शाह नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एक्ट, 1962 में संशोधन से जुड़ा विधेयक भी लोकसभा में रखेंगे। इसका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र से जुड़े कानूनी ढांचे में बदलाव करना है।

अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026 लोकसभा में पेश करेंगे। यह विधेयक विभिन्न ट्रिब्यूनलों की संरचना, नियुक्तियों, सेवा शर्तों और कार्यप्रणाली से जुड़े प्रावधानों में सुधार से संबंधित माना जा रहा है।

माइंस एंड मिनरल्स कानून में संशोधन का प्रस्ताव

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 में संशोधन के लिए बिल सदन में पेश करेंगे। यह संशोधन खनन और खनिज क्षेत्र की नीतियों तथा नियामक प्रावधानों से जुड़ा होगा।

राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पर चर्चा

राज्यसभा में सोमवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पर चर्चा प्रस्तावित है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस विधेयक को सदन में पेश करेंगी। यह विधेयक बैंकिंग रिकॉर्ड और दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किए जाने से जुड़े कानूनी प्रावधानों को अद्यतन करने से संबंधित है। मानसून सत्र में इन विधेयकों पर होने वाली चर्चा पर कानूनी, बैंकिंग, सहकारी, खनन और प्रशासनिक क्षेत्रों की निगाहें रहेंगी।

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