



बिरला ऑडिटोरियम में टैक्सेशन, GST, FEMA, ट्रांसफर प्राइसिंग और AI के प्रभाव पर विशेषज्ञ करेंगे चर्चा; सेंट्रल काउंसिल मेंबर्स के साथ ओपन हाउस भी होगा
जयपुर। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की जयपुर ब्रांच की ओर से 7 और 8 अगस्त को बिरला ऑडिटोरियम में दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस ‘FIDUCIA 2.0’ का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में देशभर से करीब 2 हजार चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के शामिल होने की संभावना है।
कॉन्फ्रेंस में टैक्सेशन, वित्तीय बदलाव, तकनीकी परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। सीए प्रोफेशन में तेजी से हो रहे बदलावों और भविष्य की चुनौतियों पर भी अलग-अलग तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस में ICAI की शीर्ष नेतृत्व टीम के साथ सेंट्रल काउंसिल मेंबर्स भी शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस चेयरमैन एवं इंटरनेशनल टैक्सेशन कमेटी के चेयरमैन सीए सतीश कुमार गुप्ता और सेंट्रल काउंसिल मेंबर सीए (डॉ.) रोहित अग्रवाल रुवाटिया सहित देश के विभिन्न विशेषज्ञ प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे।
कॉन्फ्रेंस में डायरेक्ट और इंटरनेशनल टैक्सेशन, GST, ट्रांसफर प्राइसिंग, NRI टैक्सेशन और FEMA जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके साथ आयकर अधिनियम 2025 में हुए प्रमुख बदलाव, वैश्विक कर व्यवस्था और चार्टर्ड अकाउंटेंसी प्रोफेशन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव को लेकर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
कॉन्फ्रेंस चेयरमैन सीए सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन में ICAI के सेंट्रल काउंसिल मेंबर्स के साथ ओपन हाउस और पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रतिभागी प्रोफेशन से जुड़े मुद्दों पर सीधे सवाल कर सकेंगे और विशेषज्ञों से समाधान एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
ICAI जयपुर ब्रांच के अध्यक्ष सीए राजा मोरध्वज शर्मा और सचिव सीए कमल जैन ने कहा कि ‘FIDUCIA 2.0’ केवल तकनीकी सम्मेलन नहीं, बल्कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बदलती तकनीक और वैश्विक प्रोफेशनल मानकों के अनुरूप तैयार करने का मंच है।
उन्होंने कहा कि बदलते वित्तीय और तकनीकी वातावरण में सीए की भूमिका तेजी से व्यापक हो रही है। ऐसे में नई तकनीक, नियामकीय बदलाव और अंतरराष्ट्रीय कर व्यवस्था की जानकारी पेशेवर क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगी।
आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं से केवल सीए समुदाय ही नहीं, बल्कि उद्योग जगत, व्यवसायों और करदाताओं को भी बेहतर वित्तीय सलाह और प्रभावी अनुपालन का लाभ मिलेगा।
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञ पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था, बदलते अनुपालन मानकों और प्रोफेशन में तकनीक के बेहतर उपयोग पर भी अपने अनुभव साझा करेंगे।