Friday, 31 July 2026

राजस्थान गौरव सम्मान समारोह: राजस्थानी केवल भाषा नहीं, हमारी समृद्ध संस्कृति है: हरिभाऊ बागडे


राजस्थान गौरव सम्मान समारोह: राजस्थानी केवल भाषा नहीं, हमारी समृद्ध संस्कृति है: हरिभाऊ बागडे

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जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राजस्थानी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि राजस्थानी राजस्थान की अपनी भाषा है और इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।

राज्यपाल गुरुवार को संस्कृति युवा संस्था की ओर से एक निजी होटल में आयोजित ‘राजस्थान गौरव सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपना संबोधन राजस्थानी भाषा में शुरू किया और प्रसिद्ध कवि कन्हैयालाल सेठिया की रचना ‘धरती धोरा री’ तथा महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण की प्रसिद्ध पंक्तियां सुनाकर उनका अर्थ भी समझाया।

‘राजस्थानी बहुत मीठी भाषा’

राज्यपाल ने कहा कि राजस्थानी अत्यंत मधुर भाषा है और उन्हें इससे विशेष लगाव है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के शिक्षा सचिव ने राजस्थान में मराठी भाषा के केंद्र खोलने का सुझाव दिया था, ताकि दोनों राज्यों के लोगों के बीच सांस्कृतिक निकटता बढ़े।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठी भाषा का अध्ययन अनिवार्य नहीं, बल्कि ऐच्छिक होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि राजस्थानी राजस्थान की अपनी भाषा है, इसलिए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में राजस्थानी अध्ययन केंद्र खोलने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

राज्यपाल ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि मराठी केंद्र खोलने की चर्चा के बाद लोगों का ध्यान राजस्थानी केंद्रों की आवश्यकता पर गया, जबकि इसकी शुरुआत बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी।

संस्कृति और नैतिक मूल्य बचेंगे तभी भारत बनेगा विश्वगुरु

राज्यपाल बागडे ने कहा कि भारत तभी विश्वगुरु बन सकता है, जब देश की संस्कृति और नैतिक मूल्यों का संरक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि समाज में नैतिकता का कमजोर होना अनेक समस्याओं का कारण बन रहा है।

उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे प्रकरण तब सामने आते हैं, जब व्यक्ति नैतिक मूल्यों से विमुख होने लगता है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से संस्कृति, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

‘विश्ववल्लभ’ ग्रंथ का किया उल्लेख

राज्यपाल ने महाराणा प्रताप के दरबार से जुड़े विद्वान चक्रपाणि मिश्र द्वारा रचित ‘विश्ववल्लभ’ ग्रंथ की चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह कृषि और जल संरक्षण से संबंधित अत्यंत महत्वपूर्ण प्राचीन ग्रंथ है।

उन्होंने संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध प्राचीन ग्रंथों के डिजिटलीकरण की केंद्र सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सकेगा।

भारतीय संस्कृति सदैव युवा

राज्यपाल ने कहा कि संस्कृति युवा संस्था का नाम अपने उद्देश्य के अनुरूप है, क्योंकि भारतीय संस्कृति वास्तव में सदैव युवा और जीवंत रही है। उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक देशों में आज भी रामायण और महाभारत के प्रति गहरी रुचि और सम्मान है।

उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि विदेशी समाज भारतीय संस्कृति का सम्मान करता है, जबकि देश के भीतर कुछ लोग अपनी ही सांस्कृतिक विरासत का उपहास करते हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, इतिहास और परंपराओं का अध्ययन करने का आह्वान किया।

विशिष्ट विभूतियों को मिला ‘राजस्थान गौरव’ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और विशिष्ट विभूतियों को ‘राजस्थान गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया।

इस अवसर पर संस्कृति युवा संस्था के संस्थापक अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा, प्रख्यात विधिवेत्ता एच.सी. गणेशिया और मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी गोविंद पारीक ने भी विचार व्यक्त किए।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे स्वायत शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव रवि जैन को राजस्थान गौरव सम्मान से सम्मानित करते हुए,राज्यपाल हरिभाऊ बागडे जयपुर मैराथन दौड़ का पोस्टर विमोचन करते हुए
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे स्वायत शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव रवि जैन को राजस्थान गौरव सम्मान से सम्मानित करते हुए,राज्यपाल हरिभाऊ बागडे जयपुर मैराथन दौड़ का पोस्टर विमोचन करते हुए
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