



अजमेर में भाजपा चुनाव संचालन समिति की बैठक के बाद भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा नेदिया बयान, गांवों में भ्रम फैलाने और बागी नेताओं को जोड़ने का आरोप
अजमेर। राजस्थान में प्रस्तावित नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा ने आरएलपी प्रमुख एवं सांसद हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला करते हुए उन पर असंतोष और नकारात्मक माहौल का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया।
डॉ. मिर्धा अजमेर स्थित भाजपा संभाग कार्यालय में चुनाव संचालन समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बेनीवाल की राजनीतिक कार्यशैली विवाद और असंतोष को बढ़ाकर उसके सहारे आगे बढ़ने की रही है।
डॉ. मिर्धा ने आरोप लगाया कि जहां भी किसी सरकार, राजनीतिक दल या नेता के प्रति नाराजगी दिखाई देती है, वहां हनुमान बेनीवाल उस असंतोष को और बढ़ाकर राजनीतिक अवसर में बदलने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर बड़े दावे करने और नेताओं के खिलाफ बयान देने के बावजूद बेनीवाल का बंद कमरों में व्यवहार अलग रहता है। मिर्धा ने दावा किया कि वह कभी एक सरकार और कभी दूसरी सरकार के साथ जाने की बात करते हैं, इसलिए वह उनके राजनीतिक बयानों को गंभीरता से नहीं लेतीं।
ये आरोप डॉ. मिर्धा के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इस पर हनुमान बेनीवाल या आरएलपी की प्रतिक्रिया सामने आने पर उनका पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि बेनीवाल गांवों में लोगों को भ्रमित करके राजनीतिक समर्थन हासिल करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से नाराज अथवा टिकट नहीं मिलने से असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ जोड़ना भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
मिर्धा ने दावा किया कि ग्रामीण मतदाता अब इस राजनीतिक शैली को समझ चुके हैं और उसका प्रभाव पहले की तुलना में कम हुआ है।
अजमेर में आयोजित भाजपा चुनाव संचालन समिति की बैठक में नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों की संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा की गई। पार्टी ने संभाग स्तर पर चुनाव संचालन समितियां गठित की हैं, जिनमें अजमेर संभाग के लिए डॉ. ज्योति मिर्धा सहित वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में बूथ स्तर के संगठन, संभावित उम्मीदवारों, स्थानीय मुद्दों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को लेकर विचार-विमर्श किया गया। भाजपा चुनाव से पहले नाराज कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से संवाद बढ़ाने की रणनीति पर भी काम कर रही है।
दूसरी ओर, हनुमान बेनीवाल ने पंचायत चुनावों में आरएलपी के सक्रिय रूप से उतरने की घोषणा कर रखी है। पार्टी बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
ऐसे में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले भाजपा तथा आरएलपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।