Monday, 27 July 2026

CJP आंदोलन की विदेशी फंडिंग की जांच हो: मदन राठौड़ बोले—दुबई, कुवैत और बांग्लादेश से हुई खाने की बुकिंग


CJP आंदोलन की विदेशी फंडिंग की जांच हो: मदन राठौड़ बोले—दुबई, कुवैत और बांग्लादेश से हुई खाने की बुकिंग

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नई दिल्ली। राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदर्शन के पीछे कथित विदेशी आर्थिक सहयोग की आशंका जताते हुए सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राठौड़ ने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों से ऐसी जानकारियां सामने आई हैं कि आंदोलनकारियों के लिए दुबई, कुवैत और बांग्लादेश सहित विदेशों से भोजन की बुकिंग कराई गई थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान भोजन, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं पर हुए खर्च के स्रोत का पता लगाया जाना चाहिए।

राठौड़ ने दावा किया कि मोबाइल रिपेयरिंग का काम करने वाले एक व्यक्ति की ओर से करीब 10 लाख रुपये का भोजन भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित आय वाला व्यक्ति इतनी बड़ी राशि की व्यवस्था कैसे कर सकता है। राठौड़ ने कहा कि यह एक वाजिब प्रश्न है और संबंधित एजेंसियों को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

हालांकि, कथित विदेशी फंडिंग और भोजन की बुकिंग से जुड़े इन दावों की किसी सरकारी जांच एजेंसी ने अभी सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। ये आरोप फिलहाल भाजपा नेताओं के बयानों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं पर आधारित हैं।

महेश जेठमलानी ने भी उठाए खर्च के स्रोत पर सवाल

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भाजपा नेता महेश जेठमलानी ने भी सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को साझा करते हुए CJP आंदोलन की फंडिंग पर सवाल उठाए थे। वायरल वीडियो में कथित रूप से CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली के एक होटल में नृत्य करते दिखाई दे रहे हैं। बताया गया कि यह वीडियो तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आयोजित जश्न का है।

जेठमलानी ने सवाल किया कि लंबे समय तक चले आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों की यात्रा, भोजन, आवास और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च किसने उठाया। उन्होंने आंदोलन के वित्तीय स्रोतों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, वायरल वीडियो की परिस्थितियों और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

राठौड़ बोले—धर्मेंद्र प्रधान को बनाया गया निशाना

मदन राठौड़ ने धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के रूप में उनका कोई व्यक्तिगत दोष नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक और वैचारिक समूहों ने छात्रों को आगे रखकर प्रधान को निशाना बनाया। राठौड़ के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में कई अच्छे कार्य किए और बाद में स्वयं अपना इस्तीफा सौंप दिया।

देशभर में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ चले छात्र आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद CJP ने जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी।

युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर: राठौड़

राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरुआत से ही युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की घोषणा की गई है।

प्रधानमंत्री ने 23 जुलाई 2026 को कहा था कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द कठोर दंड दिलाने और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें गठित की जाएंगी। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

राठौड़ ने कहा कि नकल और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं। उन्होंने सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों का स्वागत करते हुए कहा कि परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना और विद्यार्थियों का विश्वास बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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