



नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों को चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई बंद नहीं की गई तथा गिरफ्तार विद्यार्थियों को राहत नहीं मिली, तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करेगा। सीजेपी ने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त कराने के लिए दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया जा रहा है।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल तथा कुछ अन्य राज्यों में छात्र प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों विद्यार्थियों और आंदोलन से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया तथा उनके विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सीजेपी ने सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और उनके विरुद्ध दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका संगठन के राजनीतिक कार्यों में नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों से जुड़े कानूनी मामलों में सहायता उपलब्ध कराने की है। सिब्बल ने देशभर के अधिवक्ताओं से छात्रों की कानूनी सहायता के लिए आगे आने का आह्वान भी किया।
सीजेपी नेताओं ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और पुलिस कार्रवाई जारी रही, तो संगठन को दोबारा धरने और आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ेगा। संगठन ने आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो सुरक्षित रखने के लिए ‘साक्षी’ नामक ऑनलाइन मंच शुरू करने की भी घोषणा की।
इसी बीच बिहार सरकार ने घोषणा की कि 26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक राज्य में आयोजित विरोध प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार ने संबंधित एफआईआर, आपराधिक शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लेने तथा हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही है।
बिहार सरकार की घोषणा को आंदोलनकारी छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। हालांकि, सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि वह अन्य राज्यों में गिरफ्तार छात्रों और दर्ज मुकदमों की स्थिति पर भी नजर रखेगी तथा सभी प्रदर्शनकारियों को समान राहत मिलने तक कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाती रहेगी।