



जयपुर में 6,000 और जोधपुर में 3,000 वर्गमीटर जमीन आवंटित, शिप्रा पथ पर निर्माणाधीन कांग्रेस मुख्यालय से महज 400 से 500 मीटर की दूरी
जयपुर। राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं आवासन विभाग ने कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिशों के आधार पर भारतीय जनता पार्टी को जयपुर और जोधपुर में नए कार्यालयों के निर्माण के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटन की स्वीकृति जारी कर दी है। इसके साथ ही जयपुर के मानसरोवर स्थित वीटी रोड पर भाजपा के नए प्रदेश मुख्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय के लिए वीटी रोड पर 6,000 वर्गमीटर का भूखंड स्वीकृत किया है। वहीं जोधपुर में पार्टी के जिला कार्यालय के निर्माण के लिए 3,000 वर्गमीटर भूमि आवंटित की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों भूखंड निर्धारित संस्थानिक दर के 30 प्रतिशत मूल्य पर दिए जा रहे हैं।
जयपुर में चयनित भूमि का भू-उपयोग पहले व्यावसायिक श्रेणी में था। राजनीतिक दलों के कार्यालय के लिए संस्थानिक श्रेणी की भूमि आवंटित किए जाने के प्रावधान के कारण भूखंड का लैंड यूज बदलकर संस्थानिक किया गया। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के अनुसार, स्वीकृति कैबिनेट सब-कमेटी के निर्णय और राज्य की निर्धारित भूमि आवंटन नीति के तहत राजस्थान आवासन मंडल के माध्यम से जारी की गई है।
मानसरोवर के इस क्षेत्र में संस्थानिक भूमि की सामान्य दर करीब ₹60 हजार प्रति वर्गमीटर बताई गई है। हालांकि, भाजपा को भूमि का अंतिम वित्तीय मूल्य भूखंड की विस्तृत शर्तों, लीज राशि और आवंटन आदेश में निर्धारित देयताओं के आधार पर तय होगा।
राजस्थान भाजपा का मौजूदा प्रदेश मुख्यालय पिछले करीब 36 वर्षों से जयपुर के सी-स्कीम स्थित सी-51, सरदार पटेल मार्ग से संचालित हो रहा है। पार्टी के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी यही पता प्रदेश कार्यालय के रूप में दर्ज है। संगठन के विस्तार, पार्किंग, बैठकों और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए लंबे समय से बड़े परिसर की तलाश की जा रही थी।
भाजपा ने जुलाई 2024 में नए प्रदेश कार्यालय के लिए करीब 6,000 वर्गमीटर भूमि की मांग करते हुए आवेदन किया था। आवेदन में अजमेर रोड, मानसरोवर और रिंग रोड क्षेत्र के आसपास उपयुक्त भूमि आवंटित करने का आग्रह किया गया था।
वीटी रोड पर प्रस्तावित भाजपा मुख्यालय से करीब 400 से 500 मीटर की दूरी पर शिप्रा पथ में कांग्रेस का नया प्रदेश कार्यालय निर्माणाधीन है। कांग्रेस को भी यहां करीब 6,000 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई थी। कांग्रेस के मुख्यालय के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव वर्ष 2022 में कैबिनेट सब-कमेटी ने मंजूर किया था।
दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रदेश कार्यालय एक-दूसरे के नजदीक बनने से मानसरोवर आने वाले समय में राजस्थान की राजनीतिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सकता है। अब तक सी-स्कीम, स्टेशन रोड और खासा कोठी के आसपास होने वाली पार्टी बैठकों, प्रदर्शनों और राजनीतिक हलचल का बड़ा हिस्सा शहर के दक्षिणी क्षेत्र में स्थानांतरित होने की संभावना है। यह उपलब्ध स्थानों और प्रस्तावित कार्यालयों की निकटता के आधार पर निकाला गया अनुमान है।