



27 वें कारगिल विजय दिवस पर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को किया नमन, बोले—देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा वीरों का शौर्य
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को 27 वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित अमर जवान ज्योति पहुंचकर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए कारगिल के वीर जवानों द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम और त्याग प्रत्येक देशवासी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। देश अपने वीर सैनिकों और शहीदों के बलिदान को कभी भुला नहीं सकता।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के वीर जवानों ने अत्यंत कठिन भौगोलिक और प्रतिकूल परिस्थितियों में अद्वितीय साहस एवं वीरता का परिचय दिया। उन्होंने दुश्मन के मंसूबों को विफल करते हुए मातृभूमि की रक्षा की और विश्व पटल पर भारत के शौर्य का परचम लहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल सैन्य विजय का स्मरण नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान की उस भावना का प्रतीक है, जिसने भारतीय सेना को विश्व की सबसे साहसी सेनाओं में विशिष्ट स्थान दिलाया है। कारगिल विजय दिवस प्रतिवर्ष 26 जुलाई को वर्ष 1999 के युद्ध में भारत की विजय और सैनिकों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र अपने शहीदों, वीर सैनिकों और उनके परिजनों का सदैव ऋणी रहेगा। राजस्थान सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीदों के परिवारों के सम्मान तथा कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित सेना, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान सभी ने दो मिनट का मौन रखकर कारगिल के अमर वीरों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके अद्वितीय साहस एवं राष्ट्रभक्ति का स्मरण किया।