



जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजस्थान पुलिस के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अपनी सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी को उन्होंने वापस रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है।
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था के साथ जानबूझकर खिलवाड़ किया जा रहा है और उनके खिलाफ षड्यंत्र की आशंका है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच तथा उचित सुरक्षा प्रबंध की मांग की है।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यह मामला केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रणाली से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नागौर जिले में पुलिस प्रशासन संभाल रहे कुछ अधिकारी और रिजर्व पुलिस लाइन के जिम्मेदार कार्मिक गंभीर बीमारियों से पीड़ित पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर लगा रहे हैं।
बेनीवाल का कहना है कि ऐसी तैनाती से न केवल उनकी सुरक्षा प्रभावित होती है, बल्कि संबंधित पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और जीवन को भी खतरा हो सकता है।
बेनीवाल ने अपने पत्र में सुनील बिश्नोई, बलवीर गुर्जर और सीताराम नाम के तीन पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य स्थिति का उल्लेख किया है।
उन्होंने दावा किया कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे जवानों को सुरक्षा ड्यूटी पर भेजना उचित नहीं है। उन्होंने पूछा कि ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता कैसे सुनिश्चित की जा सकती है।
हालांकि इन पुलिसकर्मियों की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति और तैनाती के कारणों पर पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।
सांसद ने आरोप लगाया कि पूर्व में इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर उन्हें जो सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी, उसमें बाद में बदलाव कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा घटाने या व्यवस्था बदलने के कारणों की उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
बेनीवाल ने मांग की कि संबंधित एजेंसियां यह स्पष्ट करें कि उनकी सुरक्षा समीक्षा कब और किन आधारों पर की गई तथा तैनात कर्मियों के चयन में किन मानकों का पालन किया गया।
सांसद ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपने खिलाफ षड्यंत्र की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में बार-बार ऐसी परिस्थितियां सामने आना सामान्य प्रशासनिक लापरवाही नहीं माना जा सकता।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर जिम्मेदारी तय करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि सुरक्षा ड्यूटी पर शारीरिक रूप से सक्षम एवं प्रशिक्षित पुलिसकर्मी ही तैनात किए जाएं।
हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है।
उन्होंने मांग की कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाए, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच हो और किसी भी प्रकार की लापरवाही या जानबूझकर की गई अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई की जाए।

