Friday, 17 July 2026

मानगढ़ धाम पर 17 जुलाई को भील प्रदेश की मांग को लेकर जुटेंगे चार राज्यों के आदिवासी: सभा, संदेश यात्रा और पौधरोपण का आयोजन


मानगढ़ धाम पर 17 जुलाई को भील प्रदेश की मांग को लेकर जुटेंगे चार राज्यों के आदिवासी: सभा, संदेश यात्रा और पौधरोपण का आयोजन

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बांसवाड़ा। मानगढ़ धाम पर 17 जुलाई शुक्रवार को अलग भील प्रदेश की मांग को लेकर राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासी समाज के लोग एकजुट होंगे। यहां भील प्रदेश संदेश यात्रा, जनसभा और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजकों ने प्रतिभागियों से अपने साथ दो रोटी और गुड़ लाने का आग्रह किया है।

कार्यक्रम से पहले गुरुवार को जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव और पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने मानगढ़ धाम पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने आयोजक समिति के साथ बैठक कर भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की।

प्रशासन ने दिए नियमों की पालना के निर्देश

जिला कलक्टर ने आयोजकों को प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों और शर्तों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रशासन तथा पुलिस के समन्वय से आयोजित किया जाए।

कलक्टर ने पेयजल, चिकित्सा सुविधा, साफ-सफाई, शौचालय, पार्किंग और स्वयंसेवकों की तैनाती सहित सभी मूलभूत व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने को कहा। बड़ी संख्या में लोगों के संभावित आगमन को देखते हुए आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

सभा स्थल और प्रवेश मार्गों का निरीक्षण

बैठक के बाद जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सभा स्थल, पार्किंग क्षेत्र, मुख्य मार्ग तथा प्रवेश और निकास रास्तों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वाहनों की आवाजाही और भीड़ के प्रवेश-निकास को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

आयोजक समिति को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने को कहा गया है, ताकि पुलिस के साथ समन्वय कर भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और यातायात व्यवस्था संभाली जा सके।

वाहन की छत पर बैठकर यात्रा की अनुमति नहीं

पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट तथा चार पहिया वाहनों में चालक और यात्रियों के लिए सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने को कहा है।

वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी व्यक्ति को वाहन की छत पर बैठकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और अनावश्यक भीड़ या अव्यवस्था से बचने की अपील की है।

अफवाहों से बचने की अपील

पुलिस अधीक्षक ने आयोजकों और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।

पुलिस और प्रशासन की टीमें कार्यक्रम स्थल तथा आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहेंगी। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों और पार्किंग स्थलों पर भी पुलिस बल लगाया जाएगा।

चार राज्यों के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को मिलाने की मांग

आदिवासी संगठनों की ओर से लंबे समय से राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को मिलाकर अलग ‘भील प्रदेश’ बनाने की मांग की जा रही है। प्रस्तावित राज्य में चारों राज्यों के करीब 39 आदिवासी बहुल जिलों को शामिल करने की मांग बताई जाती है।

राजस्थान से बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली, कोटा, बारां और झालावाड़ सहित विभिन्न जिलों को प्रस्तावित क्षेत्र में शामिल करने की मांग उठती रही है।

मानगढ़ धाम से दिया जाएगा एकजुटता का संदेश

कार्यक्रम के दौरान भील प्रदेश की मांग, आदिवासी अधिकारों, सामाजिक एकता और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर वक्ता अपने विचार रखेंगे। संदेश यात्रा और जनसभा के माध्यम से चार राज्यों के आदिवासी समाज की एकजुटता प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा।

पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। मानगढ़ धाम आदिवासी समाज के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का प्रमुख स्थल है, इसलिए यहां होने वाले इस आयोजन को व्यापक राजनीतिक और सामाजिक महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।

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