



जयपुर। सेवर स्थित ओपन जेल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हत्या जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहे तीन बंदी कथित रूप से जेल से निकलकर जयपुर पहुंचे और देर रात एक बर्थडे पार्टी में शामिल हुए। पार्टी के दौरान हुए विवाद में धौलपुर निवासी 25 वर्षीय अन्नू गुर्जर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस ने आठ संदिग्धों को राउंडअप किया है। वहीं तीनों बंदियों के खिलाफ ओपन जेल से फरार होने का अलग मामला भी दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, धौलपुर जिले के बखेड़ी निवासी अन्नू गुर्जर अपने ममेरे भाई कुलदीप उर्फ कुल्लू गुर्जर का जन्मदिन मनाने जयपुर आया था। रविवार देर रात मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक क्लब में जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। रात करीब ढाई बजे किसी बात को लेकर अन्नू का पार्टी में मौजूद एक युवती से विवाद हो गया और उसने कथित रूप से युवती को थप्पड़ मार दिया।
इसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पार्टी में मौजूद उसके ही साथियों ने अन्नू पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अन्नू को आरोपी स्वयं जयपुरिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि अनुज गुर्जर और कुलदीप उर्फ कुल्लू गुर्जर हत्या के मामलों में भरतपुर की सेवर ओपन जेल में सजा काट रहे थे। इन मामलों में जयपुर का चर्चित गोल्डी हत्याकांड और लालकोठी जेल में पाकिस्तानी नागरिक शकरुल्लाह की हत्या का मामला शामिल बताया जा रहा है।
तीसरा आरोपी राजेश गुर्जर हिंडौन सिटी से संबंधित एक आपराधिक मामले में सजा भुगत रहा था। आरोप है कि तीनों बंदी ओपन जेल से निकलकर जयपुर पहुंचे और बर्थडे पार्टी में शामिल हुए। पार्टी में आकाश, हनी गुर्जर और गजेंद्र सहित कई अन्य युवक भी मौजूद बताए गए हैं।
मृतक अन्नू गुर्जर, कुलदीप उर्फ कुल्लू गुर्जर का ममेरा भाई था। पुलिस के अनुसार, अनुज गुर्जर का नाम भरतपुर के बहुचर्चित डॉक्टर दंपती हत्याकांड से भी जुड़ा रहा है। पुलिस अब पार्टी में मौजूद सभी लोगों की भूमिका, विवाद के कारण और हत्या में इस्तेमाल हथियार के संबंध में जांच कर रही है।
जेल प्रशासन की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों बंदी शाम की हाजिरी के समय ओपन जेल में मौजूद थे, लेकिन इसके बाद रात में वहां से निकल गए। मामले का खुलासा जयपुर में हुई हत्या की जांच के दौरान हुआ।
सेवर कारागृह अधीक्षक परमजीत सिंह ने बताया कि ओपन जेल में करीब 75 बंदी हैं। संबंधित बंदी शाम की गिनती और हाजिरी में शामिल हुए थे, लेकिन रात में जेल परिसर से निकल गए। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने ओपन जेल में बंदियों की निगरानी, रात्रिकालीन गिनती और आवागमन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। गंभीर अपराधों में सजा काट रहे बंदी जेल से निकलकर दूसरे शहर तक पहुंच गए और देर रात पार्टी में शामिल होते रहे, लेकिन जेल प्रशासन को समय रहते इसकी जानकारी नहीं लगी।
अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि तीनों बंदी जेल से किस समय और किस माध्यम से निकले, जयपुर तक कैसे पहुंचे तथा उन्हें बाहर जाने में किसी अन्य व्यक्ति ने सहायता तो नहीं की। जेल प्रशासन की ओर से भी बंदियों की अनुपस्थिति, सुरक्षा में संभावित लापरवाही और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच किए जाने की संभावना है।
पुलिस ने हत्या के मामले में आठ बदमाशों को राउंडअप कर पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी।