Tuesday, 14 July 2026

पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी के आमरण अनशन को अकबर खान का समर्थन: बोले—यह हजारों गरीब पीड़ित परिवारों के न्याय की लड़ाई


पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी के आमरण अनशन को अकबर खान का समर्थन: बोले—यह हजारों गरीब पीड़ित परिवारों के न्याय की लड़ाई

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

टोंक। राजस्थान महिला सेवा सहकारी समिति से जुड़े पीड़ित परिवारों की जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी को रेल लाओ संघर्ष समिति टोंक के अध्यक्ष अकबर खान ने समर्थन दिया है। अकबर खान ने मंगलवार को चाकसू के अंबेडकर सर्किल के समीप अनशन स्थल पर पहुंचकर सोलंकी से मुलाकात की और आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई।

पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी सिकोईडिकोन संस्थान द्वारा कथित रूप से हड़पी गई जमा राशि पीड़ित परिवारों को वापस दिलाने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं। अकबर खान ने कहा कि यह मामला केवल लोगों की जमा पूंजी से जुड़ा नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के मान-सम्मान, विश्वास और भविष्य का भी प्रश्न है।

‘पीड़ित परिवारों के अधिकारों की लड़ाई’

रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अकबर खान ने कहा कि गरीब और पीड़ित परिवारों ने अपनी मेहनत की कमाई विश्वास के साथ जमा कराई थी। अब उनकी जमा राशि वापस दिलाना संबंधित संस्थाओं और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार लंबे समय से अपनी राशि वापस मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस आंदोलन का उद्देश्य उन परिवारों को न्याय दिलाना और उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पांच दिन से अनशन पर बैठे हैं सोलंकी

अकबर खान ने कहा कि पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी पिछले पांच दिनों से अन्न और जल का त्याग कर पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। गंभीर परिस्थितियों के बावजूद वे अपनी मांग पर अडिग हैं।

उन्होंने कहा कि सोलंकी का संघर्ष व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए है, जिनकी जमा पूंजी कथित रूप से फंसी हुई है। खान ने विश्वास जताया कि उनका आंदोलन सफल होगा और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा।

आंदोलन को व्यापक समर्थन देने की अपील

अकबर खान ने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आमजन से भी इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के हित में प्रशासन को शीघ्र हस्तक्षेप कर मामले का समाधान निकालना चाहिए।

इस दौरान रामसहाय यादव, मोहम्मद खुर्शीद, रामेश्वर शर्मा, अजीज उल्लाह, हमीद खान, राजेश प्रजापति और नगीन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Previous
Next

Related Posts