



टोंक। आमजन को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान “शुद्ध आहार-मिलावट पर वार” के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को जिले में बड़ी कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर घी के नमूने लिए और मिलावट की आशंका के चलते कुल 2008 लीटर घी सीज किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर ने टोंक शहर के सवाई माधोपुर रोड स्थित शान्तिनाथ ट्रेडिंग कंपनी का औचक निरीक्षण किया। यहां से सागर सरस ब्रांड और जय श्री कृष्णा ब्रांड के घी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर उपलब्ध 1551 लीटर सागर सरस ब्रांड और 457 लीटर जय श्री कृष्णा ब्रांड घी को मिलावट की आशंका के कारण सीज कर दिया गया। दोनों ब्रांडों के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सीज की गई सामग्री का उपयोग या बिक्री जांच पूरी होने तक नहीं की जा सकेगी। नमूने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने छान कस्बे में स्थित कमल किराना स्टोर का भी निरीक्षण किया। यहां से सरस ब्रांड घी का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
इसके बाद मेहंदवास हाईवे स्थित वीर तेजाजी मार्ट का निरीक्षण किया गया। प्रतिष्ठान से भी सरस ब्रांड घी का नमूना लिया गया। निरीक्षण के दौरान यहां घी, तेल और मसालों सहित करीब 30 किलोग्राम खाद्य सामग्री खराब स्थिति में मिली, जिसे टीम ने मौके पर ही नष्ट करवाया।
वीर तेजाजी मार्ट में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण और अन्य व्यवस्थाओं में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया।
विभाग ने प्रतिष्ठान संचालक को निर्धारित अवधि में कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। अनुपालना नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर ने बताया कि मिलावटी खाद्य तेल, घी, दूध और दूध से बने पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दायरे में मावा, पनीर, मसाले, पेय पदार्थ, आटा, बेसन और अन्य खाद्य सामग्री भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि खुले में खाद्य पदार्थों की बिक्री और खराब गुणवत्ता वाली सामग्री पर भी लगातार निगरानी की जा रही है। जांच में मिलावट प्रमाणित होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान सहायक कर्मचारी राजेंद्र सैनी, रामेश्वर प्रसाद और जितेंद्र सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।