Monday, 13 July 2026

कानून-व्यवस्था पर एक्शन मोड में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, IG-SP की जवाबदेही तय करने के निर्देश


कानून-व्यवस्था पर एक्शन मोड में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, IG-SP की जवाबदेही तय करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री ने नशा तस्करी, संगठित अपराध, साइबर ठगी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने पर जोर
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस और गृह विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब क्षेत्र में होने वाले अपराधों की जिम्मेदारी सीधे संबंधित आईजी और एसपी की होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ ऐसी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे बदमाशों में कानून का भय पैदा हो।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संगठित अपराध, साइबर क्राइम, नशा तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में संगठित अपराधों का कोई नामोनिशान नहीं रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों को जवाब-तलब किया। वहीं, गोगुन्दा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों और उनके आकाओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी अपराध करने से पहले सौ बार सोचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में ठोस परिणाम सामने आए हैं और वर्ष 2023 की तुलना में संगठित अपराध तथा फायरिंग की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन इस गिरावट की गति और बढ़नी चाहिए।

अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने के निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अवैध हथियार संगठित अपराध की रीढ़ हैं। ऐसे में जिन जिलों में आर्म्स एक्ट के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, वहां अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हथियार बरामद होने पर कार्रवाई केवल आरोपी तक सीमित न रहे, बल्कि हथियार उपलब्ध कराने वाले पूरे नेटवर्क और सरगना तक पहुंचकर उसे ध्वस्त किया जाए।

अपराधियों के सोशल और फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने अपराधियों के सोशल नेटवर्क के साथ-साथ फाइनेंशियल नेटवर्क को भी समाप्त करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराधियों को फॉलो करने वाले युवाओं पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही भू-माफिया गतिविधियों, हवाला लेन-देन और अपराधियों की आय के स्रोतों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि ड्रग तस्करों की अवैध संपत्तियों को जब्त, कुर्क और ध्वस्त करने की कार्रवाई में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करी के मामलों में केवल गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना होगा।

साइबर ठगी रोकने के लिए बढ़ेगी साइबर पेट्रोलिंग
मुख्यमंत्री ने साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने और साइबर सेल में विशेष कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आमजन का विश्वास बहाल करना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि साइबर ठगी का एक भी नेटवर्क राजस्थान की धरती पर बचना नहीं चाहिए।

महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों पर कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराधों को अत्यंत गंभीर बताते हुए ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षकों को एनडीपीएस, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, अवैध हथियारों और संगठित अपराध से जुड़े लंबित मामलों का व्यक्तिगत विश्लेषण कर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलों में नियमित सीएलजी बैठकें होंगी
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में कम्युनिटी लाइजन ग्रुप, सीएलजी, की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित होगा तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने सीएलजी बैठकों की मुख्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए, ताकि सुझावों और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग और पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, रेंज महानिरीक्षक और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

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