



हाईकोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा की जनहित याचिका पर आदेश, भवन की मरम्मत, रंग-रोगन और मूलभूत सुविधाएं बहाल करने के निर्देश
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने मानसरोवर स्थित पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक भवन को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने जेडीए को निर्देशित किया है कि 23 जुलाई से पहले सामुदायिक भवन को पूर्व की भांति रंग-रोगन, मरम्मत और सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त बनाकर उपलब्ध कराया जाए।
हाईकोर्ट ने मामले को 23 जुलाई को पुनः सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आदेश की अनुपालना की समीक्षा की जा सके।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए। याचिका में मानसरोवर स्थित पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक भवन के उपयोग, उपलब्धता और वर्तमान स्थिति को लेकर मुद्दा उठाया गया था।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पूर्व में जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से हाईकोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था। जेडीए के अधिवक्ता अमित कुड़ी की ओर से प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया था कि पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक भवन में संचालित जोन 18-19 के कार्यालय को जेडीए मुख्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है और अब सामुदायिक भवन खाली है।
याचिकाकर्ता वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा की ओर से अधिवक्ता निधि बिस्सा, अधिवक्ता तपिश सारस्वत और अधिवक्ता अनीश भदाला ने अदालत के समक्ष कहा कि केवल भवन खाली कर देना पर्याप्त नहीं है। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि सामुदायिक भवन की वर्तमान स्थिति अत्यंत खराब है और इस अवस्था में उसका उपयोग सामाजिक, सार्वजनिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से आग्रह किया गया कि जेडीए को सामुदायिक भवन को पूर्ववत उपयोग योग्य स्थिति में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं। इसमें भवन की मरम्मत, रंग-रोगन और सभी मूलभूत सुविधाओं को बहाल करना आवश्यक है।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि 23 जुलाई से पहले सामुदायिक भवन को पूर्व की भांति सभी आवश्यक सुविधाओं सहित उपलब्ध कराया जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई पर यह देखा जाएगा कि जेडीए ने आदेश की अनुपालना की है या नहीं।
हाईकोर्ट के इस आदेश को पत्रकार कॉलोनी के निवासियों और सामुदायिक भवन के उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सामुदायिक भवन का उद्देश्य स्थानीय निवासियों और पत्रकार कॉलोनी से जुड़े लोगों को सार्वजनिक, सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है। अब 23 जुलाई को होने वाली सुनवाई में जेडीए की ओर से की गई अनुपालना पर कोर्ट के समक्ष स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
