



जयपुर। नियमों के खिलाफ संचालित लग्जरी बसों और बाल वाहिनियों पर कार्रवाई के लिए रालसा के एक माह के विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान के तहत बुधवार को डीएलएसए, जयपुर मेट्रो-द्वितीय की ओर से वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान नियमों की अवहेलना पाए जाने पर कई बसों को सीज किया गया और चालान काटे गए।
डीएलएसए-द्वितीय की सचिव पल्लवी शर्मा ने बताया कि न्यायिक अधिकारी, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने चौमूं पुलिया और 14 नंबर बस स्टैंड पर संचालित स्लीपर, लग्जरी बसों और बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह जांचा गया कि वाहन राष्ट्रीय वाहन मानक, 2016 और राज्य सरकार की एसओपी, 2024 के अनुरूप संचालित हो रहे हैं या नहीं।
राजस्थान की नंबर प्लेट लगाकर चल रही एमपी रजिस्टर्ड बस पकड़ी
कार्रवाई के दौरान मध्य प्रदेश में पंजीकृत एक बस को राजस्थान की नंबर प्लेट लगाकर संचालित होते हुए पकड़ा गया। टीम ने बस को मौके पर ही सीज कर दिया। इसके अलावा बसों में आपातकालीन निकास को रोककर सीटें बढ़ाने, अतिरिक्त स्लीपर लगाने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी कमियां भी पाई गईं।
इन कमियों के चलते 8 अन्य बसों को भी सीज किया गया। अभियान के दौरान कुल 15 बसों और 24 बाल वाहिनियों के चालान काटे गए। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने की वैकल्पिक व्यवस्था भी कराई गई।
परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र निलंबित करने के निर्देश
डीएलएसए-द्वितीय की सचिव पल्लवी शर्मा ने परिवहन अधिकारियों और यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि आमजन और यात्रियों के जीवन की सुरक्षा को देखते हुए नियमों की अवहेलना करने वाली बसों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ ही उनके परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र निलंबित करने की कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
अभियान का उद्देश्य अवैध और असुरक्षित रूप से संचालित बसों पर रोक लगाना है, ताकि यात्रियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासनिक और प्रवर्तन एजेंसियां आगे भी ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगी।