



जयपुर। राज्य में पंचायतीराज चुनावों की तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं। ओबीसी आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 10 से 23 जुलाई तक ओबीसी आयोग का सर्वेक्षण प्रस्तावित है। इस सर्वेक्षण के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा।
संभावना है कि ओबीसी आयोग 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप सकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद पंचायतीराज संस्थाओं में आरक्षण और सीटों के निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
15 अगस्त के बाद सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रधान और जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण व सीटों का निर्धारण किए जाने की संभावना है। इस प्रक्रिया में ओबीसी आरक्षण के साथ अन्य वर्गों के आरक्षण का भी निर्धारण किया जाएगा।
यदि सर्वेक्षण, रिपोर्ट और आरक्षण निर्धारण की पूरी प्रक्रिया तय समय पर पूरी हो जाती है, तो सितंबर-अक्टूबर में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराए जा सकते हैं। हालांकि चुनाव कार्यक्रम की अंतिम घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा ही की जाएगी।
पंचायतीराज चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ने लगी है। गांवों और पंचायत स्तर पर संभावित उम्मीदवारों तथा स्थानीय नेताओं की नजर अब ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण निर्धारण पर टिकी है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद चुनावी तस्वीर और अधिक साफ हो सकेगी।
