Monday, 06 July 2026

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पेश किया राजस्थान पुलिस का रिपोर्ट कार्ड, गंभीर अपराधों में 4.65% कमी, ड्रग माफिया और गैंगस्टर्स पर कसेगा शिकंजा


डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पेश किया राजस्थान पुलिस का रिपोर्ट कार्ड, गंभीर अपराधों में 4.65% कमी, ड्रग माफिया और गैंगस्टर्स पर कसेगा शिकंजा

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महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, नशा तस्करी और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में पिछले छह महीनों की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजस्थान पुलिस अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम, अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने और स्मार्ट पुलिसिंग को प्राथमिकता देगी।

डीजीपी शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 की प्रथम छमाही की तुलना में वर्ष 2026 की समान अवधि में भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज कुल अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2025 में जहां 99,272 मामले दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या घटकर 94,652 रह गई। वहीं स्थानीय एवं विशेष अधिनियमों के तहत पुलिस की स्वतः स्फूर्त कार्रवाई में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि हत्या के मामलों में 4.41 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 11.17 प्रतिशत, डकैती में 16.28 प्रतिशत और लूट की वारदातों में 19.93 प्रतिशत की कमी आई है। इसी प्रकार अपहरण के मामलों में 4.72 प्रतिशत, दुष्कर्म के मामलों में 13.36 प्रतिशत और पॉक्सो एक्ट के मामलों में 20.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में भी 18.81 प्रतिशत की कमी आई है।

संपत्ति संबंधी अपराधों में भी पुलिस की बरामदगी दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। लूट के मामलों में बरामदगी 71 प्रतिशत से बढ़कर 79.09 प्रतिशत हो गई है। नकबजनी के मामलों में बरामदगी 9.58 प्रतिशत से बढ़कर 58.24 प्रतिशत तक पहुंची है, जबकि चोरी के माल की रिकवरी 10.34 प्रतिशत से बढ़कर 24.79 प्रतिशत हुई है।

डीजीपी शर्मा ने बताया कि नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त अभियान चलाया है। आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई में वृद्धि हुई है। एनडीपीएस एक्ट के तहत 7,195 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने ड्रग सिंडिकेट्स की सप्लाई चेन तोड़ने, डिमांड कम करने और नशामुक्ति की दिशा में त्रिस्तरीय रणनीति के तहत काम किया है।

महिला सुरक्षा को लेकर डीजीपी शर्मा ने कहा कि छेड़छाड़, दुष्कर्म और पॉक्सो के मामलों में कमी आई है। पॉक्सो मामलों में औसत अनुसंधान अवधि 78.2 दिन से घटकर 51.2 दिन और दुष्कर्म के मामलों में 81 दिन से घटकर 52 दिन रह गई है। कालिका पेट्रोल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वाड, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर, सुरक्षा सखी और महिला सलाह सुरक्षा केंद्र जैसी इकाइयों को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

साइबर अपराधों पर रोकथाम के लिए भी राजस्थान पुलिस ने व्यापक कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर थाने स्थापित किए जा चुके हैं और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क बनाई गई है। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमता बढ़ाकर 53 लाइनें 24 घंटे संचालित की जा रही हैं। पांच लाख रुपये तक के साइबर अपराधों के लिए जीरो एफआईआर सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 405 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की गई हैं। CEIR पोर्टल के माध्यम से 1.84 लाख गुमशुदा मोबाइल ट्रेस किए गए, जिनमें से 61,346 मोबाइल मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं।

एटीएस राजस्थान ने आतंकवाद, अवैध हथियार, विस्फोटक पदार्थ और मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई की है। यूएपीए के तहत 3 प्रकरण दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अवैध विस्फोटक पदार्थों के 7 मामलों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया निगरानी के तहत 728 संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और 15 युवाओं की डी-रेडिकलाइजेशन प्रक्रिया शुरू की गई।

डीजीपी शर्मा ने बताया कि राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग में पदोन्नति की राह भी खुली है। गृह विभाग द्वारा 23 जून 2026 को जारी स्वीकृति के तहत 403 पदों को उच्च पदों में पुनर्गठित किया गया है, जिससे चालक, घुड़सवार और बैंड शाखा के पुलिसकर्मियों को पदोन्नति के बेहतर अवसर मिलेंगे।

भविष्य की रणनीति साझा करते हुए डीजीपी ने कहा कि बड़े ड्रग माफिया और गैंगस्टर्स की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क और जब्त करने की कार्रवाई बड़े स्तर पर की जाएगी। रंगदारी, फिरौती के लिए फायरिंग और धमकी देने वाले गैंगस्टर्स के विरुद्ध एजीटीएफ के विशेष ऑपरेशन जारी रहेंगे। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर के माध्यम से कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएनटीएफ और एटीएस के एडीजी दिनेश एमएन ने विशेष कार्रवाइयों की जानकारी दी। आरंभ में मुख्यालय डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप ने राजस्थान पुलिस की उपलब्धियों पर प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर डीजी पुलिस प्रशिक्षण श्री अनिल पालीवाल सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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