Thursday, 02 July 2026

राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा पर राजभवन सख्त, दो जांच समितियां गठित


राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा पर राजभवन सख्त, दो जांच समितियां गठित

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कार्यकाल के अंतिम तीन महीनों में नीतिगत फैसलों पर रोक, शिकायतों और प्रशासनिक निर्णयों की होगी जांच

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न विवादों और शिकायतों को लेकर राजभवन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रो. कटेजा का कार्यकाल सितंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। इससे पहले राजभवन ने उनके कार्यकाल से संबंधित मामलों की जांच के लिए दो अलग-अलग जांच प्रक्रियाएं शुरू की हैं। इसके साथ ही कार्यकाल के अंतिम तीन महीनों में किसी भी प्रकार के नीतिगत निर्णय लेने पर रोक संबंधी निर्देश भी लागू कर दिए गए हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन में इस घटनाक्रम को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कुलगुरु के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों, शिकायतों और आरोपों की समीक्षा के लिए राजभवन स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों को संबंधित दस्तावेजों, आदेशों और शिकायतों का परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजभवन को प्राप्त शिकायतों में नियम विरुद्ध कार्रवाई, प्रशासनिक निर्णयों, मानसिक उत्पीड़न और मानहानि जैसे आरोपों का उल्लेख बताया जा रहा है। इन शिकायतों के आधार पर राजभवन ने संबंधित मामलों की जांच आगे बढ़ाई है। आदेशों के अनुसार, जांच पूरी होने तक संबंधित मामलों में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई स्थगित रखी जा सकती है।

इसके अतिरिक्त, राज्यपाल सचिवालय की ओर से विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों के तहत तीन सदस्यीय जांच समिति के गठन की जानकारी भी सामने आई है। समिति को संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजभवन ने राज्य के वित्त पोषित विश्वविद्यालयों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि जिन कुलपतियों या कुलगुरुओं का कार्यकाल समाप्ति के निकट है, वे अपने कार्यकाल के अंतिम तीन महीनों में कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लेंगे। सभी संबंधित प्रशासनिक विभागों और विश्वविद्यालयों को इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा का कार्यकाल भी अब अंतिम तीन माह में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में एक ओर उनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए समितियां गठित की गई हैं, वहीं दूसरी ओर नीतिगत निर्णयों पर रोक के निर्देशों ने विश्वविद्यालय प्रशासन में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

अब सबकी नजर जांच समितियों की रिपोर्ट और राजभवन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है। इस संबंध में जब राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा से संपर्क कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

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