



धौलपुर। कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज बुधवार को धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित उसके पैतृक गांव भवुतीपुरा में किया जाएगा। सुबह करीब साढ़े सात बजे जगन गुर्जर का शव गांव पहुंचा, जिसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। घटना की गंभीरता और क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए गांव और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
भवुतीपुरा गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा और मनिया सहित कुल नौ थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई है। एएसपी श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। गांव में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को सतर्क रखा गया है।
जगन गुर्जर की मौत को लेकर छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में अहम तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जगन की मौत गले और गर्दन पर गंभीर दबाव पड़ने से हुई। अत्यधिक दबाव के कारण उसकी गर्दन की हायोड बोन टूट गई थी, जिसे मौत का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
पोस्टमॉर्टम में गर्दन के मध्य हिस्से में अंदरूनी रक्तस्राव भी पाया गया है। सांस की नली और भोजन नली के आसपास गंभीर चोटों के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक मेडिकल निष्कर्षों के अनुसार, गला दबाए जाने के बाद करीब तीन मिनट के भीतर जगन गुर्जर की सांसें थम गई थीं। हालांकि, अंतिम मेडिकल राय एफएसएल और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने टॉवल या तौलिए से जगन गुर्जर का गला दबाकर उसकी हत्या की। बताया जा रहा है कि हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे।
हत्या के बाद जगन गुर्जर के परिजन विरोध में धरने पर बैठ गए थे। परिजनों की मांगों और प्रशासन से हुई बातचीत के बाद मंगलवार को सहमति बनी, जिसके बाद अजमेर में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को धौलपुर स्थित पैतृक गांव भवुतीपुरा भेजा गया, जहां आज अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल जैसी संवेदनशील जेल में हुई इस हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। एफएसएल रिपोर्ट और अन्य जांच निष्कर्षों के बाद घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।