



दौसा। दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर के बाद बस और ट्रेलर दोनों में आग लग गई। हादसे में 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए।
हादसा कोलवा थाना क्षेत्र में रात करीब 2:30 बजे हुआ। हादसे के समय बस में कुल 39 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश यात्री नींद में थे। अचानक टक्कर और आग लगने से बस में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री किसी तरह बाहर निकले, जबकि कुछ लोग आग और चोटों की चपेट में आ गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को दौसा के जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में कई बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए दौसा जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा और एसपी पीयूष दीक्षित भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन और पुलिस ने राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की और घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
दौसा एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि मृतकों में 6 यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि 2 यात्रियों की मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हुई। हादसे के बाद मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस के अनुसार, हादसे के समय बस तेज रफ्तार में थी और प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बस चालक को झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकराई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई यात्री बाहर निकलने से पहले ही आग की चपेट में आ गए।
पुलिस और प्रशासन यह जांच कर रहे हैं कि टक्कर के बाद आग कैसे लगी। वाहन की तकनीकी स्थिति, बस की गति, चालक की स्थिति और ट्रेलर की मूवमेंट सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा, ड्राइवरों की थकान और रात में तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात के सफर में चालक को झपकी आना बड़े हादसों का कारण बन सकता है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। प्रशासन घायलों के उपचार और मृतकों के परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया में जुटा है।