



परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे जगन गुर्जर के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। पुलिस और प्रशासन की ओर से परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
धरने पर बैठे परिजनों ने जगन गुर्जर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की मांग भी उठाई है। परिजनों का कहना है कि जेल में हुई इस हत्या के बाद पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ है।
परिजनों ने यह भी मांग की है कि जगन गुर्जर को कथित फर्जी मुकदमे में गिरफ्तार कर हाई सिक्योरिटी जेल भिजवाने वाले बाड़ी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा परिवार ने पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग रखी है।
जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने पिता की हत्या को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उसने कहा कि वह जगन गुर्जर का बेटा है और इस मामले में न्याय चाहता है। हालांकि उसके बयान में तीखे और आक्रोशपूर्ण शब्द भी सामने आए, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन स्थिति को शांत बनाए रखने में जुटे रहे।
परिजनों का कहना है कि जगन गुर्जर की हत्या हाई सिक्योरिटी जेल में हुई है, इसलिए यह केवल सामान्य जेल विवाद का मामला नहीं है, बल्कि इसमें सुरक्षा व्यवस्था, लापरवाही और संभावित साजिश की गहन जांच जरूरी है।
अजमेर जेल में जगन गुर्जर की हत्या की खबर सामने आने के बाद उसके परिजन पहले बाड़ी कोतवाली पहुंचे थे। वहां जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग रखी। इसके बाद देर रात आसाराम सहित अन्य परिजन अजमेर पहुंचे।
सुबह से ही परिजन जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे जगन गुर्जर के परिचित प्रहलाद सिंह ने भी पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोगों को धरना स्थल पर आने से रोका गया तो आंदोलन उग्र हो सकता है।
जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने आरोप लगाया कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में उसके पिता को परेशान किया जा रहा था। उसने दावा किया कि इस संबंध में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेदम को शिकायती पत्र भी दिया गया था।
आसाराम ने कहा कि पिता की जेल में हत्या के बाद अब उसके चाचा पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर भी परिवार चिंतित है। परिजनों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पप्पू गुर्जर को सुरक्षित जेल में शिफ्ट किया जाए और परिवार को भी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। मोर्चरी के बाहर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। परिजनों का कहना है कि जब तक सीबीआई जांच सहित अन्य मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगे।
जेल में हत्या के बाद पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब परिजनों के धरने और सीबीआई जांच की मांग ने मामले को और गंभीर बना दिया है।