



जयपुर। जयपुर-दिल्ली हाईवे पर चंदवाजी थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यहां ताला मोड़ के पास स्थित निर्माणाधीन अरावली पैलेस रिसॉर्ट की दीवार अचानक गिर गई। हादसे के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए। प्रशासन की ओर से अब तक दो महिलाओं सहित तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 12 से अधिक मजदूर घायल बताए जा रहे हैं।
हादसा सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, रिसॉर्ट परिसर में सीवरेज से जुड़े गड्ढे और नाले के पास काम चल रहा था। इसी दौरान दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मजदूर मलबे में दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही चंदवाजी थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घायलों को तत्काल निम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। बचाव दलों ने मलबा हटाकर दबे हुए मजदूरों की तलाश शुरू की। प्रशासन की ओर से मौके पर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय मौके पर 24 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि मजदूर सीवरेज के गड्ढे और नाले से जुड़े काम में लगे हुए थे। इसी दौरान पास की निर्माणाधीन दीवार अचानक गिर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाले की खुदाई अधिक गहराई तक की जा रही थी। आशंका जताई जा रही है कि गहरी खुदाई के कारण पास की निर्माणाधीन दीवार कमजोर हुई और गिर गई। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हादसे के बाद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने मृतकों की संख्या अधिक होने की आशंका जताई, लेकिन जिला कलेक्टर संदेश नायक ने फिलहाल तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। प्रशासन ने कहा है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने और अस्पतालों से अंतिम जानकारी मिलने के बाद ही घायलों और मृतकों की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस ने हादसे को लेकर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। साथ ही खुदाई, दीवार की मजबूती और निर्माण एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
निर्माणाधीन स्थल पर दीवार गिरने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे। यदि खुदाई के दौरान दीवार कमजोर हो रही थी, तो पहले से सावधानी बरती जानी चाहिए थी।
फिलहाल पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर मौजूद हैं। घायलों का इलाज जारी है और मलबे में किसी अन्य मजदूर के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव कार्य जारी रखा गया है।